अकोला-इंदौर रेल मार्ग से बदलेगी 10 राज्यों की किस्मत, 2027 तक सफर होगा आसान; जानें ताजा अपडेट

Akola Railway Project: अकोला गेज परिवर्तन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। अधिकांश रेल खंड पूरे हो चुके हैं, शेष कार्य जारी है। इसके पूर्ण होने पर दस राज्यों को तेज, सुरक्षित रेल संपर्क मिलेगा।
The Akola-Khandwa gauge conversion project, connecting 10 states, is in full swing. With OWG installed over Tapi River, the 2027 goal nears. MP Anup Dhotre actively monitors this vital rail link.
अकोला-इंदौर रेल मार्ग से बदलेगी 10 राज्यों की किस्मत अनूप धोत्रे (सौजन्य-नवभारत)
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PM Modi Infrastructure Projects News: दस राज्यों को जोड़ने वाला महत्त्वाकांक्षी खंडवा-अकोला -इंदौर-रतलाम-चित्तौड़गढ़-मारवाड़ जंक्शन रेल मार्ग का कार्य बड़े पैमाने पर प्रगति पर है। इस परियोजना के अंतर्गत सिकंदराबाद से अकोट तथा अकोट से हिवरखेड तक रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। वहीं खंडवा से आमला खुर्द तक का कार्य पूर्ण हो चुका है। सणावद से मऊ तक का कार्य भी बड़े पैमाने पर जारी है।

इंदौर-रतलाम तथा चित्तौड़ मारवाड़ जंक्शन तक की लाइन का काम पूरा हो चुका है। अब केवल अकोट से आमला खुर्द तक की रेल लाइन का कार्य शेष है। इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा तत्कालीन सांसद संजय धोत्रे की मांग और सतत प्रयासों के साथ वर्तमान सांसद अनूप धोत्रे की सक्रियता से गति प्राप्त हुई है।

अकोला अकोट रेल लाइन के विद्युतिकरण का कार्य भी बड़े पैमाने पर जारी है। सांसद अनूप धोत्रे इस परियोजना के लिए लगातार प्रयासरत हैं। खंडवा-अकोला गेज परिवर्तन प्रकल्प केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि दस राज्यों को जोड़ने वाला विकास का मार्ग है। इसके पूर्ण होने पर यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा।

महत्त्वपूर्ण उपलब्धि

खंडवा-अकोला गेज परिवर्तन प्रकल्प के अंतर्गत मध्यप्रदेश के आमला खुर्द-तुकाईथड रेल विभाग में तापी नदी पर 76.2 इसे 2027 तक पूर्ण करने का संकल्प लिया गया है। इस रेल मार्ग से आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली मीटर लंबे चार ओपन वेब गर्डर (OWG) सफलतापूर्वक स्थापित किए गए है। साथ ही भूमी अधिग्रहण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। हिवरखेड-तुकाईखेड रेल लाइन का काम भी प्रगति पर है। और दक्षिण भारत के राज्यों को सीधा संपर्क मिलेगा। इंदौर और राजस्थान की यात्रा करने वाले यात्रियों को कम समय में बेहतर सुविधा प्राप्त होगी

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