
जोमैटो डिलीवरी बॉय, (सोर्स-सोशल मीडिया)
Zomato Delivery Boy Job Crisis: बीते दिनों 25 दिसंबर और 31 दिसंबर 2025 को हुई गिग वर्कर्स की हड़ताल की चर्चा खूब हुई। गिग वर्कर्स ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाई। इसी बीच अब ऑनलाइन सामान डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो के कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपिंदर गोयल का बयान सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें वह बता रहे हैं कि कंपनी हर महीने करीब 5 हजार वर्कर्स को नौकरी से निकालती है। साथ ही हर महीने करीब 1.5 लाख से लेकर 2 लाख तक कर्मचारी खुद ही प्लेटफॉर्म छोड़ देते हैं
एक पॉडकास्ट में जोमैटो के सीईओ ने बताया कि कंपनी में केवल कर्मचारियों की छंटनी ही नहीं होती, बल्कि बड़ी संख्या में डिलीवरी पार्टनर्स खुद भी काम छोड़ देते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि हर महीने लगभग 5,000 डिलीवरी वर्कर्स को प्लेटफॉर्म से हटाया जाता है, जिनमें से अधिकतर मामलों में वजह धोखाधड़ी से जुड़ी होती है। गोयल के मुताबिक, कुछ डिलीवरी पार्टनर्स बिना ऑर्डर पहुंचाए ही उसे ऐप पर डिलीवर दिखा देते हैं। वहीं, कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर्स में सही छुट्टे पैसे न लौटाने जैसी शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।
वर्कर्स के बड़े पैमाने पर एग्जिट को लेकर गोयल ने कहा कि अधिकांश लोग डिलीवरी पार्टनर की भूमिका को लंबे समय के करियर के तौर पर नहीं देखते। यह नौकरी कई लोगों के लिए अस्थायी या बीच के समय का विकल्प होती है। कई युवा या जरूरतमंद लोग तुरंत आय के लिए इस काम से जुड़ते हैं और जैसे ही उनकी वित्तीय जरूरत पूरी हो जाती है, वे प्लेटफॉर्म छोड़ देते हैं। उन्होंने माना कि हर महीने आने-जाने वाले वर्कर्स की संख्या का पहले से सटीक अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण रहता है।
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गोयल ने यह भी बताया कि हालिया तिमाही तक फूड डिलीवरी कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेट करने वाला सेक्टर था, हालांकि अब क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट इस मामले में आगे निकल चुका है। फिर भी, Zomato आज भी कंपनी के लिए सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला बिजनेस बना हुआ है। फूड डिलीवरी और ब्लिंकिट के साथ-साथ कंपनी डिस्ट्रिक्ट के जरिए आउटिंग-आधारित बिजनेस और Hyperpure के तहत बी2बी ग्रोसरी सप्लाई सेगमेंट में भी सक्रिय है।






