हवाई यात्रियों के लिए बड़ी चेतावनी! फ्लाइट में पावर बैंक इस्तेमाल किया तो खैर नहीं, DGCA ने लगाया बैन

DGCA: डीजीसीए ने एयरलाइनों को यह भी निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को नए नियमों की जानकारी घोषणाओं और अन्य माध्यमों से साफ तौर पर दें, ताकि सभी यात्री इन नियमों का पालन करें।
power bank in flights
फ्लाइट में पावर बैंक, (सोर्स-सोशल मीडिया)
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DGCA Bans Power Banks In Flights: नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रविवार को कहा कि उड़ान के दौरान यात्री पावर बैंक का इस्तेमाल मोबाइल फोन या किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने के लिए नहीं कर सकते। डीजीसीए ने साफ कहा कि पावर बैंक में लगी लिथियम बैटरियों से आग लगने का खतरा होता है, इसलिए यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

एक बयान में विमानन नियामक ने कहा कि उड़ान के दौरान गैजेट्स को चार्ज करने के लिए किसी भी हालत में पावर बैंक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, चाहे वह एयरक्राफ्ट की सीट में लगे पावर सॉकेट के जरिए ही क्यों न हो।

 DGCA ने क्यों लिया ये फैसला?

यह फैसला दुनिया के कई देशों में हुए उन हादसों के बाद लिया गया है, जिनमें विमानों में चार्जिंग के दौरान लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्म हो गईं या उनमें आग लग गई। ऐसे मामलों ने विमान यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। डीजीसीए ने इससे पहले नवंबर महीने में एक खतरनाक सामान संबंधी चेतावनी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही रखी जा सकती हैं। इन्हें ओवरहेड केबिन में रखने की अनुमति नहीं है, क्योंकि वहां आग लगने पर उसे जल्दी पहचानना और बुझाना मुश्किल होता है। डीजीसीए के अनुसार, आजकल रिचार्ज होने वाले उपकरणों में लिथियम बैटरियों का ज्यादा इस्तेमाल होने लगा है। इसी कारण हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों के पास पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरियों की संख्या भी बढ़ गई है। डीजीसीए ने चेतावनी दी कि ये बैटरियां आग लगने का कारण बन सकती हैं और उड़ान की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

सभी एयरलाइनों को निर्देश जारी

नियामक संस्था ने बताया कि अगर लिथियम बैटरियां ओवरहेड स्टोरेज या कैरी-ऑन बैग में छुपी रहती हैं, तो धुआं या आग के शुरुआती संकेत दिखाई नहीं देते। इससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है और खतरा बढ़ सकता है। डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों द्वारा लाई जाने वाली लिथियम बैटरियों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों की दोबारा जांच करें और सख्त सुरक्षा नियम लागू करें, ताकि बैटरी से जुड़ी आग की घटनाओं को रोका जा सके।

इसके साथ ही डीजीसीए ने केबिन क्रू को बेहतर प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया है, ताकि वे आग या धुएं के संकेत जल्दी पहचान सकें और सही कदम उठा सकें। एयरलाइनों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विमान में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण और सुरक्षा सामान मौजूद हों।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी

डीजीसीए ने एयरलाइनों को यह भी निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को नए नियमों की जानकारी घोषणाओं और अन्य माध्यमों से साफ तौर पर दें, ताकि सभी यात्री इन नियमों का पालन करें। डीजीसीए ने कहा कि ये सभी कदम यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने और हवाई यात्रा के दौरान लिथियम बैटरी से होने वाले खतरों को कम करने के लिए आवश्यक हैं।

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