

Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता, कच्चे तले की कीमत और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से केंद्र सरकार को दिया गया डिविडेंड शेयर बाजार का रुझान तय करेंगे। गौरतलब है कि आरबीआई की ओर से शुक्रवार की शाम को वित्त वर्ष 26 के लिए केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इससे सरकार के गैर-कर राजस्व में तेज उछाल देखने को मिलेगा। इस पर बाजार सोमवार को प्रतिक्रिया देगा।
अमेरिका-ईरान के बातचीत में हाल के दिनों में काफी तेज प्रगति हुई है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए), इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच एक समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो चुकी है, जिसे अंतिम रूप देना बाकी है। इससे फरवरी के अंत से शुरू मध्य पूर्व तनाव के खत्म होने का रास्ता खुल गया है।
अगले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की निगाहें रहेंगी। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल डब्ल्यूटीआई क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल पर है। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता सकारात्मक रहा। इस दौरान सेंसेक्स में 177 अंक या 0.24 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,415 और निफ्टी 75 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,719 पर था।
सूचकांकों में निफ्टी आईटी 4.31 प्रतिशत की मजबूती के साथ टॉप गेनर था। निफ्टी रियल्टी (2.39 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.10 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.08 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.06 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.74 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.37 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए थे। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया (4.29 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.57 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (1.18 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.86 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.51 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसयू बैंक (0.26 प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुए।
वैश्विक बाजारों में तेजी देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, सोल, जकार्ता और बैंकॉक हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को हरे निशान में बंद हुए थे। मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.55 प्रतिशत की तेजी के साथ हरे निशान में और टेक्नोलॉजी सूचकांक नैस्डैक 0.09 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था। वैश्विक बाजारों में तेजी वजह ईरान की ओर से तनाव कम होने के संकेत मिलना है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) गुरुवार के सत्र में भी शुद्ध विक्रेता रहे और इक्विटी मार्केट में 1,891.21 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,492.42 करोड़ रुपए की खरीदारी की।