नागपुर: मिडिल ईस्ट संकट अस्थायी, JSW चेयरमैन का भरोसा, भारतीय उद्योगों की ग्रोथ रहेगी जारी

Middle East Crisis: JSW ग्रुप चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट भारतीय उद्योगों के लिए अस्थायी झटका है और भारत की विकास यात्रा जारी रहेगी।
Nagpur: Middle East Crisis Is Temporary, JSW Chairman Assures; Growth of Indian Industries to Continue
सज्जन जिंदल, भारतीय उद्योग,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur India Economic Growth: देश के प्रख्यात उद्योगपति एवं जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने देश के आर्थिक परिदृश्य पर बात करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) का संकट भारतीय औद्योगिक विकास के लिए एक अस्थायी झटका जरूर है लेकिन यह जल्द ही यह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चूंकि उद्योग जगत 20 से 50 वर्षों के दीर्घकालिक दृष्टिकोण से काम करता है। इसलिए भारत की विकास यात्रा जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश कंपनियों की बैलेंसशीट मजबूत है जिसके चलते उद्योगों द्वारा पूंजीगत निवेश की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। भारत में विनिर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश की योजनाएं बनाई जा रही हैं, इसलिए मजबूत बैलेंसशीट के दम पर देश के भीतर पूंजीगत व्यय और विनिर्माण निवेश की गति लगातार बढ़ती रहेगी।

नागपुर में ईवी बैटरी और सेल्स परियोजना पर काम: सज्जन जिंदल

सज्जन जिंदल शनिवार को मिहान स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नागपुर (आईआईएम) के दीक्षांत समारोह में शामिल होने नागपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कहीं। जिंदल ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' अपने आप में विदेशी मुद्रा बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रक वाहन (ईवी) के क्षेत्र में 'जेएसडब्ल्यू' ग्रुप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों के अनुरूप काम कर रहा है, ताकि तेल आयात पर निर्भरता कम हो और ई-मोबिलिटी को बढ़ावा मिल सके। इससे देश को दीर्घकालिक लाभ होगा, जिंदल ने कहा कि जेएसडब्ल्यू ग्रुप भारत में मैन्युफैक्चरिंग के स्थानीयकरण की दिशा में हर जरूरी कदम उठा रहा है जिससे देश की विदेशी मुद्रा की बचत में मदद मिलेगी। जिंदल ने इस दौरान नागपुर में निवेश के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने ने कहा कि इसी रणनीति के तहत नागपुर में इलेक्ट्रक वाहनों के लिए सेल्स और बैटरी बनाने पर भी जेएसडब्ल्यू ग्रुप द्वारा काम चल रहा है।

गड़चिरोली में स्टील प्लांट के लिए JSW प्रतिबद्ध

गडचिरोली में प्रस्तावित 25 मिलियन टन क्षमता वाले स्टील प्लांट को लेकर सज्जन जिंदल ने कहा कि यह क्षेत्र लौह अयस्क खदानों के नजदीक होने के कारण स्टील उत्पादन के लिए बेहद संभावनाशील है। यह बड़े स्टील कॉम्लेक्स के लिए एक स्वाभाविक और बेहद संभावित क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि पिछले वाई वर्षों से यह इलाका नक्सली गतिविधियों की वजह से प्रभावित रहा था लेकिन अब यहां पूरी तरह शांति है, और इसी के चलते वहीं खनन का काम भी शुरू हो चुका है।

सज्जन जिंदल ने कहा कि 25 मिलियन टन की क्षमता वाले इस विशाल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की लगाने के लिए खदानें पूरी तरह मिल जाने और कचो माल की सुरक्षा सुनिश्चित होते ही इस परियोजना में निवेश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। इसके लिए खदानों में पूर्वेक्षण का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जीएसहाब्यू हुए इस एकीकृत स्टील प्लांट के निर्माण के लिए पहले से ही प्रतिबद्ध है।

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