
तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार (सोर्स - सोशल मीडिया)
RJD vs BJP Political Turmoil Over Dynasty in Bihar New Cabinet: बिहार में रिकॉर्ड 10वीं बार नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने और नई कैबिनेट के गठन के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर वंशवाद को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने नवनियुक्त मंत्रियों के नामों पर सवाल उठाते हुए यह आरोप लगाया कि यह गठबंधन खुद परिवारवाद को बढ़ावा दे रहा है। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने वंशवाद की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए RJD के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इसे जनता के अटूट भरोसे की निशानी बताया। यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि बिहार की राजनीति में वंशवाद का मुद्दा कितना गहरा है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शब्दों का युद्ध लगातार जारी है।
नई कैबिनेट में मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद, आरजेडी ने तुरंत सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमला बोला। RJD ने एक सूची जारी करते हुए दावा किया कि कई मंत्री ऐसे हैं जो वरिष्ठ नेताओं के रिश्तेदार हैं। RJD का कहना है कि ये वो लोग हैं जो हमेशा वंशवाद की राजनीति का विरोध करते हैं, लेकिन इनकी सरकार में भी बड़े पैमाने पर परिवार से जुड़े नेताओं को जगह मिली है।
आरजेडी ने खास तौर पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के मंत्रियों का जिक्र किया, जहां लगभग 80% नवनिर्वाचित विधायक सीनियर नेताओं के परिवार से जुड़े हुए हैं। इनमें जीतन राम मांझी की बहू, सास और दामाद जैसे सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, RJD की लिस्ट में बीजेपी के लगभग 12.35% और JDU के 11 ऐसे विधायक भी शामिल हैं, जो राजनीतिक परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। इस लिस्ट में सम्राट चौधरी और नीतीश मिश्रा जैसे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। RJD ने तंज कसते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आशीर्वाद से बिहार की राजनीति से वंशवाद को खत्म करने की कसम खाते हैं।
RJD के इन आरोपों का करारा जवाब देते हुए बिहार बीजेपी अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने वंशवाद की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने आज तक परिवारवाद का असली मतलब नहीं समझा है। दिलीप जायसवाल के अनुसार, परिवारवाद का सही मतलब यह है कि “प्रधानमंत्री का बेटा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का बेटा मुख्यमंत्री” बने। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनता इस फर्क को अच्छी तरह समझती है कि परिवारवाद का असली मतलब क्या होता है, जिसका सीधा इशारा RJD के प्रमुख लालू परिवार की तरफ था। उनका यह बयान RJD के हमलों को कमजोर करने की एक महत्वपूर्ण कोशिश थी।
इसी बीच, राज्य सरकार के मंत्री और JDU नेता विजय कुमार चौधरी ने गठबंधन की जीत को जनता के भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी जीत तभी संभव है जब जनता को इस गठबंधन और इसके नेता नीतीश कुमार पर पूरा भरोसा हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 20 सालों में नीतीश कुमार ने लगातार काम किया है और यही कारण है कि लोगों का उन पर भरोसा बढ़ा है।
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विजय कुमार चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी को “भारतीय राजनीति के इतिहास की सबसे हिट जोड़ी” बताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं के बीच की आपसी समझ और उनके द्वारा किए गए काम से बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह तरक्की और भी तेज होगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि जब तक बिहार इन दोनों नेताओं के हाथों में है, राज्य पूरी तरह सुरक्षित है और तरक्की की राह पर लगातार बढ़ता रहेगा।






