

RJD action against rebels leader: बिहार चुनाव के गरमाते माहौल के बीच में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी नेता तेजस्वी यादव ने बगावती सुर और पार्टी के खिलाफ गलत आचरण अपनाने वाले नेताओं पर कड़ा एक्शन लिया है। बुधवार को पार्टी ने एक बार फिर से एक मौजूदा विधायक समेत 10 बड़े नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते की गई है। कुछ दिन पहले ही 27 नेताओं को निकाले जाने के बाद, इस नए कदम से बिहार की सियासत में हलचल और तेज हो गई है।
पार्टी से निकाले गए नेताओं में सबसे बड़ा नाम डेहरी से मौजूदा विधायक फतेह बहादुर सिंह का है। वह आरजेडी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ ही निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विधायक के अलावा दो पूर्व विधायकों, मो. गुलाम जिलानी वारसी (कांटी) और मो. रियाजुल हक राजू (गोपालगंज) पर भी गाज गिरी है। इनके साथ 7 अन्य पदाधिकारियों को भी निष्कासित किया गया है।
RJD की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई पर भाजपा ने तंज कसा। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने निष्कासित नेताओं की सूची एक्स पर साझा की। उन्होंने अपनी टिप्पणी में लिखा, 'इस रफ्तार से तो पार्टी जल्द ही कार्यकर्ताओं और मतदाताओं दोनों से खाली हो जाएगी।' मालवीय यहीं नहीं रुके, उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर एक साथ निशाना साधते हुए कहा कि ये दोनों नेता मिलकर महागठबंधन को डुबोने पर तुले हुए हैं। यह ताजा कार्रवाई दो दिन पहले की उस बड़ी कार्रवाई के बाद हुई है, जिसमें दो मौजूदा विधायकों और पांच पूर्व विधायकों समेत 27 नेताओं को निष्कासित किया गया था।
इधर, बिहार में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। बुधवार को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान शाह ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अपनी हालिया टिप्पणी की कीमत चुकानी पड़ेगी। शाह का इशारा राहुल के उस बयान की ओर था जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि पीएम मोदी वोट के लिए 'नाच भी सकते हैं'। इसके साथ ही राहुल ने दिल्ली में पीएम के कार्यक्रम के लिए तैयार की जा रही यमुना पर भी टिप्पणी करते हुए कह दिया था कि छठ का ड्रामा करने के लिए और फोटो शूट करने के लिए प्यूरीफाई पानी से यमुना बना दी। अमित शाह ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि राहुल ने छठी मईया और उनके भक्तों का भी अपमान बताया, जिसका जवाब उन्हें इन चुनावों में जरूर मिलेगा।