

Amit Shah Statement On Maharashtra Civic Elections: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी को महाराष्ट्र में ‘बैसाखियों' की जरूरत नहीं है और वह अपनी ताकत पर चलेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में विपक्ष का सूपड़ा साफ हो जाए।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2014 में भाजपा ने सम्मानजनक सीट बंटवारे की मांग की थी, लेकिन गठबंधन टूट गया। शाह ने कहा कि हमने लंबे समय के बाद अपने दम पर चुनाव लड़ा और देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के साथ हम सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे। पहले हम राज्य की राजनीति में चौथे स्थान पर थे, लेकिन आज हम पहले नंबर की पार्टी हैं।
अमित शाह ने केंद्र और राज्य में भाजपा की ‘डबल इंजन' सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को इस साल के अंत में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव भी जीतने चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इतनी मेहनत करो कि विपक्ष का सफाया हो जाए ताकि वे दूरबीन से देखने के बाद भी दिखाई नहीं दें।
गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र प्रदेश कार्यालय की नयी इमारत की आधारशिला रखने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमने साबित कर दिया है कि परिवारवाद वाली पार्टियों की राजनीति अब इस देश में नहीं चलेगी। काम करने की राजनीति ही देश को आगे ले जाएगी।
शाह ने कहा कि भाजपा के लिए पार्टी कार्यालय एक मंदिर की तरह है। यहीं से पार्टी के कार्यक्रम और नीतियां तय होती हैं और यह पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक व्यावहारिक प्रशिक्षण स्थल है। जनसंघ के दिनों से ही विचारधारा से प्रेरित राजनीति और जन कल्याण भाजपा की पहचान रही है।
भाजपा का 1980 में जब गठन हुआ था, तब से अबतक 18 वर्षों तक देश का नेतृत्व भाजपा नेताओं ने किया है और यह गर्व की बात है। शाह ने पार्टी की सफलता का श्रेय नेताओं और कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत, त्याग और प्रतिबद्धता को दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘उनके द्वारा बोए गए बीजों की वजह से ही भाजपा एक वटवृक्ष बन पाई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर चलती है और कड़ी मेहनत करने वाले तथा प्रदर्शन के आधार पर पार्टी कार्यकर्ता पार्टी पदानुक्रम में आगे बढ़ सकते हैं।
शाह ने कहा, ‘‘मैं बूथ अध्यक्ष था और राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक गरीब परिवार से आते हैं और अपनी प्रतिबद्धता तथा त्याग के कारण तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने अपनी सभी वैचारिक प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है जैसे अनुच्छेद 370 को हटाना, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए), तीन तलाक और कुछ राज्यों ने समान नागरिक संहिता को लागू करना।
हमारे सभी वैचारिक मुद्दे क्रियान्वित हो चुके हैं और अब हम 2047 में विकसित भारत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। देश के भविष्य के लिए सिद्धांत आधारित राजनीति करने की जिम्मेदारी भाजपा की है। पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव से लिया गया, जिससे दुश्मनों को संदेश गया कि हमारी सेना और सीमाओं के साथ कोई भी खिलवाड़ नहीं कर सकता।