
चुनावी सभा को संबोधित करते एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी। इमेज सोर्स- सोशल मीडिया
Asaduddin Owaisi Latest Statement on Infiltrators in Bihar: इस बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) द्वारा लगातार घुसपैठ के मुद्दे को उठाए जाने पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया है। ओवैसी ने कहा कि क्या है सोने की खदान है कि लोग यहां आएंगे। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में यह भी कहा कि बिहार में घुसपैठ है भी तो इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की एनडीए सरकार जिम्मेदार है।
एनडीए लगातार कह रहा कि बिहार में विपक्ष घुसपैठिए को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इस पर ओवैसी ने कहा कि एनडीए मुसलमानों के विकास को नजरअंदाज करने के बाद अब उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवा भारतीय देश भर में प्रवास करते हैं, पर आप पलायन रोकने की जगह घुसपैठिया कहकर उनको बदनाम करते हैं। सीमांचल के मुसलमानों ने विभाजन के दौरान बांग्लादेश नहीं जाकर भारत को अपना देश चुना।
हैदराबाद के सांसद ने यह भी कहा कि अगर घुसपैठिए भी हैं तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आपके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आपके हैं। देश की सीमाओं पर बीएसएफ है। इसके बावजूद घुसपैठ हो रहा है, जिसका मतलब है कि आप विफल हैं।
ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सीमांचल की पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। ये सीटें थीं-एआईएमआईएम ने अमौर, बहादुरगंज, बायसी, जोकीहाट और कोचाधामन। इनमें से अमौर, बहादुरगंज और बायसी सीट पर महागठबंधन के तत्कालीन विधायक तीसरे नंबर पर रहे थे। दूसरे नंबर पर एनडीए के उम्मीदवार थे। हालांकि, इनमें से चार विधायक राजद में शामिल हो गए थे। बता दें, सीमांचल में प्रदेश की 17 प्रतिशत मुसलमान आबादी रहती है।
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2020 विधानसभा में एआईएमआईएम ने जो पांच सीटें जीती थीं, उनमें से तीन पर राजद और दो सीटों पर कांग्रेस के विधायक थे। इस चुनाव में सीमांचल में कांग्रेस ने 12 उम्मीदवार, राजद ने 9, वीआईपी ने 2 और सीपीआईएमएल ने एक उम्मीदवार उतारा है। वहीं, एआईएमआईएम पूरे प्रदेश में 15 सीटों पर प्रत्याशी उतारी है।






