
अश्विनी चौबे, भाजपा नेता (डिजाइन फोटो)
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, और राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने महागठबंधन के दो शीर्ष चेहरों कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को ‘नटवरलाल’ करार देते हुए उन पर लोगों को गुमराह करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान, बिहार राजनीतिक नेताओं में शुमार अश्विनी चौबे ने महाठगबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, “ये सभी लोग, चाहे राहुल गांधी हों या तेजस्वी यादव, सब एक जैसे हैं। एक दिल्ली का नटवरलाल है, दूसरा बिहार का नटवरलाल है। वे एक ही लीग के हैं और उनके पास चर्चा करने के लिए कोई वास्तविक विकास का मुद्दा नहीं है।”
चौबे ने साफ तौर पर कहा कि महाठगबंधन का एकमात्र उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और गुमराह करना है। उन्होंने दावा किया कि महाठगबंधन के पास कोई मुद्दा नहीं है, सिर्फ चुनावी माहौल में भ्रम पैदा करने की साजिश है।
भाजपा नेता ने बिहार में एनडीए सरकार की वापसी का जोरदार दावा किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान में हुई बंपर वोटिंग से यह स्पष्ट है कि एनडीए के पक्ष में माहौल बन चुका है। उन्होंने आत्मविश्वास से कहा, “एनडीए की सरकार बन रही है, नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनेंगे। जनता ने शत-प्रतिशत आशीर्वाद दिया है।”
चौबे ने जनता से राजद और कांग्रेस को सबक सिखाने की अपील करते हुए कहा कि 14 नवंबर को चुनाव परिणाम आने पर जनता उन लोगों को कड़ा सबक सिखाएगी, जो झूठ बोलते हैं, भ्रष्टाचार करते हैं, वंशवाद फैलाते हैं, और सत्ता में रहकर जंगलराज पैदा करते हैं।
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तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले बयान पर चौबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा और वह चुनाव के बाद ‘कालकोठरी के मुख्य कैदी होंगे’, यानी उन्हें जेल जाना होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के चुनाव प्रचार में सक्रिय रहने पर भी अश्विनी चौबे ने कोर्ट से सख्त आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लालू यादव जमानत पर हैं और अपराधी का प्रचार कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने अपराधियों को टिकट दिया है। उन्होंने कोर्ट से जमानत कैंसल करने और उन्हें जेल के अस्पताल में रखने का आग्रह किया, क्योंकि उनके मुताबिक लालू यादव हिंसक प्रवृत्ति के हैं और बाहर रहने पर हिंसा फैला सकते हैं।
बिहार में 11 नवंबर को दूसरे चरण के लिए मतदान होना है और 14 नवंबर को परिणाम घोषित किया जाएगा, तब पता चलेगा कि अश्विनी चौबे और महाठगबंधन के दावों के में कितना दम है और जनता किसको अपना हितैषी मानती है।






