
बिहार पुलिस और सीएम नीतीश कुमार।
Bihar Police Torture: बिहार के समस्तीपुर जिले में फिर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। यहां के ताजपुर थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक ज्वेलरी की दुकान में चोरी को लेकर दुकानदार ने काम करने वाले कर्मी को बुलाया गया। उससे पूछताछ के दौरान कर्मियों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी पीड़ित को जमकर पीटा और उसके परिजन को बुलाया गया। पीड़ित को कई दिनों तक थाने में रखा।
आरोप है कि पीड़ित को छोड़ने के लिए पुलिस कर्मी ने उसके परिजनों से पैसों की मांग की। परिजनों ने पैसे देने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस मामले में एसपी से शिकायत कर दी। पीड़ित परिजनों की शिकायत के बाद एसपी ने कार्रवाई बात कही। उन्होंने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी आरोपी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पीड़ित ने बताया कि वो ज्लेवरी दुकान में काम करता है। वहां उस पर दुकानदार ने सोना चोरी का आरोप लगाकर पिटाई की थी। पुलिस ने थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। पीड़ित ने बताया कि थाने में मलद्वार के रास्ते में सिरिंज से पेट्रोल डालकर उसे प्रताड़ित किया गया। पुलिस से न्याय नहीं मिलने और प्रताड़ित किए जाने के बाद परिजनों ने पीड़ित को इलाज के लिए ताजपुर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां गंभीर हालत होने पर डॉक्टर ने उसे समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल के डॉक्टर ने जांच कराने की बात कही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी जानकारी दी जाएगी।
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लोगों ने बिहार पुलिस की बर्बरता पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परिवार ने मौजूदा थानाध्यक्ष को हटाने की मांग की है। घटना बाद पीड़ित के परिजन डरे हुए हैं। वो अपना घर छोड़कर किसी अज्ञात जगह पर चले गए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की बर्बरता से लोगों में पुलिस के प्रति सम्मान और आदर की भावना कम हुई है। घटना के बाद से लोगों में भारी आक्रोश है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि मामले को लेकर वीडियो वायरल हुआ था। प्रथम दृष्टया जांच के बाद ताजपुर थाने की पुलिस की लापरवाही पाए जाने को लेकर ताजपुर थानाध्यक्ष और केस के आईओ और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।






