महिला किसान वर्ष 2026: CM फडणवीस ने किया विधान भवन में राज्य की महिला किसानों काे किया सम्मानित

Women Farmers Year 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और महिला किसान वर्ष 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश की अग्रणी महिला किसानों को विधान भवन में सम्मानित किया।
CM Devendra Fadnavis Honored Women Farmers
विधान भवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. सौम्या स्वामीनाथन को पुष्पगुच्छ देते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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CM Devendra Fadnavis Honored Women Farmers: महाराष्ट्र में खेती की तकदीर और तस्वीर बदलने में महिलाओं की भूमिका अब केंद्र में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और 'अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026' के उपलक्ष्य में मुंबई स्थित विधान भवन में 'महिला किसानों का सशक्तिकरण' विषय पर एक विशेष चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और राज्य की उन महिलाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने कृषि क्षेत्र में अपनी मेहनत से सफलता की नई इबारत लिखी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहे। साथ ही, कृषि जगत की प्रख्यात हस्ती MSSRF की अध्यक्षा डॉ. सौम्या स्वामीनाथन की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

सफलता की प्रेरक कहानियां

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के विभिन्न विभागों से आईं प्रगतिशील महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन महिलाओं ने पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़कर आधुनिक तकनीक और प्रबंधन के जरिए अपनी आय में वृद्धि की है।

इन महिलाओं को किया गया सम्मानित

  • भूमिका शिर्के (कोंकण विभाग)
  • स्वाती शिंगाडे (पुणे विभाग)
  • अरुंधती पाटील (कोल्हापुर विभाग)
  • वृंदावनी यादव (लातूर विभाग)
  • गंगुबाई ठेंग (अमरावती विभाग)
  • नेहा शेट्ये (रत्नागिरी जिला)
  • मयुरी जाधव (रत्नागिरी जिला)
  • इसके अलावा, मराठवाड़ा और विदर्भ में कार्यरत नागपुर के 'मराठवऱ्हाड दूध उत्पादक संघ' की रुपाली शिंदे और वर्षा चव्हाण को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

महिलाओं को खेती का मालिकाना हक और तकनीकी प्रशिक्षण पर हुई बात

चर्चा के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि 2026 को 'अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष' के रूप में मनाना भारत जैसी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन की डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने महिलाओं को खेती का मालिकाना हक और तकनीकी प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। महाराष्ट्र सरकार की ओर से यह संदेश स्पष्ट था कि राज्य की प्रगति में अब महिला किसानों की भागीदारी केवल श्रमिकों के रूप में नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाले उद्यमियों के रूप में होगी।

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