- Hindi News »
- Bihar »
- Bihar Elections 2025 Kayastha Community Marginalized Three Tickets Only
सियासत-ए-बिहार: 2 मुख्यमंत्री देने वाले समाज को केवल 3 टिकट, बिहार चुनाव में हाशिए पर कायस्थ बिरादरी
Siyasat-E-Bihar: बिहार की राजनीति में एक समृद्ध और ऐतिहासिक विरासत रखने वाली कायस्थ बिरादरी इस बार के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर उपेक्षा का शिकार हुई है।
- Written By: मनोज आर्या

बिहार विधानसभा चुनाव 2025, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार की राजनीति में एक समृद्ध और ऐतिहासिक विरासत रखने वाली कायस्थ बिरादरी इस बार के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर उपेक्षा का शिकार हुई है। वह बिरादरी जिसने बिहार को दो मुख्यमंत्री दिए। साथ ही देश को पहला राष्ट्रपति और संविधान सभा का अध्यक्ष भी दिया है। इसके अलावा संपूर्ण क्रांति जैसे बड़े आंदोलन के प्रणेता भी दिए, लेकिन आज वह समाज चुनावी टिकटों के मामले में संख्या बल और वोट बैंक की राजनीति के सामने गौण हो गया है। इसका प्रमाण टिकट वितरण व चुनावी भागीदारी में साफ दिख रहा है।
मात्र 3 सीटों पर सिमटा प्रतिनिधित्व
इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस बार के चुनाव में दोनों प्रमुख गठबंधनों (सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी महागठबंधन) ने मिलकर कायस्थ बिरादरी से जुड़े उम्मीदवारों को महज तीन सीटों पर ही मौका दिया है। यह संख्या राज्य की कुल आबादी में बिरादरी के प्रतिनिधित्व के एक प्रतिशत से भी कम है। आंकड़ों पर गौर करें तो, इस चुनाव में सवर्ण बिरादरी के कुल 124 उम्मीदवारों को मौका दिया गया है।
सत्ताधारी खेमे ने सवर्ण बिरादरी के 85 लोगों को टिकट दिए, जिनमें कायस्थ बिरादरी से मात्र दो उम्मीदवार हैं। वहीं, विपक्षी महागठबंधन ने सवर्ण बिरादरी के 39 लोगों को टिकट दिए हैं, जिनमें कायस्थ बिरादरी की इकलौती उपस्थिति है। दोनों गठबंधनों में शामिल लगभग नौ अन्य दलों ने इस बिरादरी को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है, जिससे इसका कुल प्रतिनिधित्व शून्य के करीब पहुंच गया है।
सम्बंधित ख़बरें
बिहार की ‘शराबबंदी’ पर NDA में महाभारत! JDU नेता ने मांझी-माधव से पूछे तीखे सवाल, सूबे में आएगा सियासी भूचाल?
ममता बनर्जी या राहुल गांधी…कौन होना चाहिए इंडिया गठबंधन का बॉस? उमर अब्दुल्ला साफ कर दी तस्वीर
RS चुनाव में लालू करेंगे ओवैसी का शिकार…RJD बनाएगी हिना शहाब को उम्मीदवार! करीबी ने बता दिया मास्टरप्लान
सियासत की नई ‘सोशल इंजीनियरिंग’: दलित-पिछड़ों के बाद अब ब्राह्मण बने राजनीति के ‘हॉटकेक’
भाजपा ने काटा है टिकट
सत्ताधारी गठबंधन की बात करें तो, भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपनी पिछली विधानसभा में चुने गए दो प्रमुख कायस्थ विधायकों के टिकट काट करके अरुण सिन्हा और रवि वर्मा को बाहर का रास्ता दिखा दिया। पार्टी ने केवल नितिन नवीन को एकमात्र टिकट दिया है, जो फिलहाल नीतीश सरकार में मंत्री हैं। वहीं जनता दल यूनाइटेड ने भी इस बिरादरी से केवल एक उम्मीदवार को टिकट दिया है।
विपक्षी महागठबंधन में स्थिति और भी निराशाजनक है। यहां सिर्फ कांग्रेस पार्टी ने गया शहर से मोहन श्रीवास्तव को इकलौता उम्मीदवार बनाया है। महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद), तीन वाम दल और अन्य सहयोगी पार्टियां (जैसे लोजपा, आरएलएसपीएम और हम) ने इस बिरादरी को प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व भी नहीं दिया है, जिससे यह साफ संकेत है कि कायस्थ को यहां के राजनेता अब उतना महत्व नहीं देना चाहते हैं, जितना कभी कांग्रेस के जमाने में दिया जाता था।
कायस्थों का ऐतिहासिक राजनीतिक महत्त्व
यह उपेक्षा तब हो रही है जब इस बिरादरी का राज्य की राजनीति में एक गौरवशाली इतिहास रहा है। यह बिरादरी 1990 के मंडल-राजनीति के उभार से पहले तक राज्य की सियासत का केंद्र रही है। कायस्थ बिरादरी से केबी सहाय लगभग चार साल और महामाया प्रसाद सिन्हा कुछ महीनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री रहे। महामाया प्रसाद सिन्हा 1967 में कृषक मजदूर पार्टी के इकलौते विधायक होते हुए भी नाटकीय घटनाक्रम में सीएम बने थे।
ये भी पढ़ें:तेजस्वी के ‘सफाई अभियान’ से RJD में खलबली; BJP बोली- ’37 बाहर, जल्द खाली हो जाएगी पार्टी’
कायस्थ समाज से आते थे देश के पहले राष्ट्रपति
इसके अलावा, इसी बिरादरी से डॉ राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष थे। वहीं, जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने संपूर्ण क्रांति का आह्वान करके पहली बार केंद्र से कांग्रेस को सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाई थी। आज के राजनीतिक हालात की बात करें तो राजनीतिक दलों ने संख्या बल के समीकरणों को साधते हुए इस प्रमुख और समृद्ध बिरादरी की ऐतिहासिक विरासत को दरकिनार कर दिया है, जिससे कायस्थ समाज में मायूसी का माहौल है और यह समाज अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहा है।
Bihar elections 2025 kayastha community marginalized three tickets only
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Birthday Horoscope: 27 फरवरी को है जन्मदिन तो चमकने वाली है किस्मत, इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान
Feb 27, 2026 | 06:00 AMकम बजट में भी 5 स्टार सेफ्टी, परिवार की सुरक्षा के लिए ये 4 कारें बन सकती हैं समझदारी भरा फैसला
Feb 27, 2026 | 05:43 AMWorld NGO Day 2026: एनजीओ सेक्टर में बड़ी क्रांति! जानें तकनीक के साथ कैसे बदल रहा है समाज सेवा का तरीका
Feb 27, 2026 | 04:14 AMसिर्फ टाइमपास नहीं, कमाई का भी जरिया, AI ऐप्स का तूफान, ChatGPT डाउनलोड करने में भारत बना नंबर-1
Feb 27, 2026 | 03:31 AMToday Horoscope 27 February: शुक्रवार को इन 3 राशियों पर होगी धन की वर्षा! जानें अपनी राशि का हाल
Feb 27, 2026 | 12:05 AMहार कर भी ‘बाजीगर’ बना जिम्बाब्वे का ये बल्लेबाज, बुमराह को जड़ा कोहली जैसा छक्का, खेली 97 रन की नाबाद पारी
Feb 26, 2026 | 11:56 PMजिम्बाब्वे पर भारत की जीत से साउथ अफ्रीका को हुआ फायदा, T20 WC 2026 के सेमीफाइनल में पहुंची प्रोटियाज टीम
Feb 26, 2026 | 11:11 PMवीडियो गैलरी

PM मोदी का इजराइल दौरा: एयरपोर्ट पर ‘केसरिया’ पर हुई दिलचस्प चर्चा, नेसेट में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
Feb 26, 2026 | 01:54 PM
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार: ‘हिस्ट्रीशीटर’ शिकायतकर्ता और AI के खेल का पर्दाफाश! क्या ये साजिश है?
Feb 26, 2026 | 01:43 PM
वाराणसी मणिकर्णिका घाट पर मसान होली पर विवाद: डोम राजा परिवार ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
Feb 26, 2026 | 01:28 PM
आस्था के सागर में डूबा उज्जैन, 1.31 करोड़ के नोटों से सजा बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
Feb 26, 2026 | 12:42 PM
मालेगांव सरकारी दफ्तर में नमाज पर भड़के नितेश राणे, मदरसों को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO
Feb 25, 2026 | 06:35 PM
टिकट काटने वाले काट रहे गरीबों की जेब! आनंद बिहार रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू ने किया गजब का कांड, देखें-VIDEO
Feb 25, 2026 | 05:54 PM














