Nashik: पुराने लैपटॉप लौटाकर, 15 हजार तलाठियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन, किसानों को भारी झटका

Talathi Strike : महाराष्ट्र में 15 हजार से ज्यादा तलाठियों ने पुराने लैपटॉप-प्रिंटर लौटाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है। पहले ही दिन राजस्व विभाग का ऑनलाइन कामकाज ठप हो गया।
तलाठियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Maharashtra Talathi Movement: नासिक महाराष्ट्र की ग्रामीण प्रशासन व्यवस्था मंगलवार को एक गंभीर गतिरोध का शिकार हो गई। महाराष्ट्र राज्य तलाठी संघ (पटवारी संघ) के आह्वान पर राज्य के 15,000 से अधिक पटवारियों (तलाठियों) ने अपने Outdated (कालबाहा) पुराने लैपटॉप और प्रिंटर जिला प्रशासन को लौटाकर कर दिया है।

उनकी स्पष्ट मांग है कि उन्हें डिजिटल सेवाओं के लिए आवश्यक आधुनिक प्रणाली वाले नए लैपटॉप और प्रिंटर उपलब्ध कराए जाएं, सोमवार, 15 दिसंबर को शुरू हुए इस आंदोलन के पहले ही दिन, राजस्व विभाग का ऑनलाइन कामकाज पूरी तरह ठप्प पड़ गया, जिससे जमीनी स्तर पर आम जनता, खासकर किसानों को, भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

आंदोलन का व्यापक असर

नासिक जिलाधिकारी कार्यालय में पटवारियों ने कतारबद्ध होकर अपने पुराने और जर्जर उपकरण जमा किए, नासिक जिले में भी बड़ी संख्या में पटवारियों के बहिष्कार के कारण प्रशासनिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई।

नासिक के विभिन्न तलाठी कार्यालयों में लोग 7/12 या प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक कागजात लेने पहुंचे, लेकिन ऑनलाइन सेवाएँ बंद होने के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी।

निभाने भूमिका निभाने राजस्व अधिकारी इस समय दौहरी मार झेल रहे हैं।

अतिरिक्त कार्यभार और पुराने, धीमी गति वाले कंप्यूटर राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों का यह बहिष्कार स्पष्ट संदेश देता है कि डिजिटल इंडिया की राह पर चलने के लिए उन्हें सबसे पहले आधुनिक और सक्षम उपकरण की आवश्यकता है।

कौन से काम ठप हुए?

घटवारियों के पास मौजूद आउटडेटेड और धीमी गति वाले लैपटॉप के कारण निम्नलिखित महत्वपूर्ण ग्रामीण सेवाएँ बाधित हुई है। डिजिटल भूमि रिकॉर्ड: खातेदारों की 7/12 (भूमि अधिग्रहण पंजीकरण) और डिजिटल सातबारा से जुड़े कार्य, फसल और कृषिः ई-पीक पाहणी (फसल निरीक्षण) और ई-बदलाव (ई-फेरफार) प्रक्रियाएं, नागरिक सेवाएं: जन्म, मृत्यु, आय प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों का वितरण, तकनीकी बाधाएं: पुराने लैपटॉप के कारण सर्वर में लगातार रुकावट (व्यत्यय) आना और धीमी गति की समस्याएं थीं, जिसने काम को लगभग नामुमकिन बना दिया था।

जनता बखबर, काम रुका

आंदोलन के पहले ही दिन, इसका सीधा असर जमीनी स्तर पर दिखाई दिया। आंदोलन की जानकारी न होने के कारण, विभिन्न काम (जैसे 7/12 निकलवाना या प्रमाणपत्र) लेकर पटवारी कार्यालय पहुंचे आम नागरिकों को ऐन वक्त पर मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा।

संघ की प्रमुख मांगें

संघ की प्रमुख मांग है कि उन्हें कार्य के लिए आवश्यक आधुनिक प्रणाली वाले उपकरण (नए लैपटॉप और प्रिंटर) तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। पटवारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहेंगे, लेकिन ऑनलाइन काम नहीं करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रशासनिक उपस्थिति बनी रहे लेकिन डिजिटल सेवाएं तब तक रुकी रहें जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं हो जातीं।

संघ का दो टूक बयान

पुराने हो चुके हैं। कुछ को तो लैपटॉप उपलब्ध ही नहीं हुए है। इसलिए हमने बहिष्कार किया है। आंदोलन के दौरान पुराने लैपटॉप और प्रिंटर प्रशासन के पास जमा किए गए। लेकिन, सभी पअवारियों ने लेकिन, सभी एारिशी उपस्थित होकर अन्य कामकाज किए, मांगे पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

महाराष्ट्र राज्य तलाठी संघ (महासचिव)- संतोष आगीवले

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