
Super Bike (Source. Freepik)
Superbike Noise: सड़कों पर दौड़ती सुपरबाइक्स की गरजती आवाज़ आपने जरूर सुनी होगी। बाइक लवर्स के लिए यह आवाज़ किसी संगीत से कम नहीं होती, जबकि कई लोगों को यह सिर्फ शोर लगती है। अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर सुपरबाइक्स इतनी तेज आवाज़ क्यों करती हैं और क्या इस शोर को कम किया जा सकता है। अगर आप भी कभी इस बात को लेकर कन्फ्यूज हुए हैं, तो यहां हम आपको सुपरबाइक्स की तेज आवाज़ के पीछे छिपे असली कारणों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
सुपरबाइक्स की तेज आवाज़ का सबसे बड़ा कारण उनका हाई-परफॉर्मेंस इंजन होता है। आम कम्यूटर बाइक्स आमतौर पर 6,000 से 8,000 RPM (रिवोल्यूशन प्रति मिनट) पर काम करती हैं, जबकि सुपरबाइक्स का इंजन 14,000 से 16,000 RPM तक घूम सकता है। इंजन के पिस्टन जितनी तेजी से चलते हैं और हवा-फ्यूल का कंबश्चन जितना तेज होता है, उतनी ही ज्यादा और तीखी आवाज़ पैदा होती है। इसे आप छोटे पंखे और बड़े टर्बाइन की आवाज़ के फर्क से समझ सकते हैं।
सुपरबाइक्स में आम बाइक्स के मुकाबले अलग तरह का एग्जॉस्ट सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है, जिसे ‘फ्री-फ्लो एग्जॉस्ट’ कहा जाता है। इसका मकसद इंजन से निकलने वाली गैसों को बिना रुकावट बाहर निकालना होता है। अगर एग्जॉस्ट में ज्यादा मफलर या रुकावटें डाल दी जाएं, तो इंजन पर दबाव बढ़ता है और बाइक की हॉर्सपावर कम हो जाती है। रफ्तार और पावर के दीवानों के लिए यह समझौता करना नामुमकिन होता है, इसलिए कंपनियां आवाज़ को थोड़ा तेज ही रखती हैं।
जहां आम बाइक्स में आमतौर पर एक सिलेंडर होता है, वहीं सुपरबाइक्स में 2, 3 या 4 सिलेंडर दिए जाते हैं। जब चार सिलेंडर एक साथ हाई स्पीड पर फायर करते हैं, तो उनकी मिली-जुली आवाज़ किसी ‘म्यूजिक’ या ‘स्क्रीम’ जैसी लगती है। सिलेंडरों की संख्या और उनका फायरिंग ऑर्डर हर कंपनी की बाइक को अलग पहचान देता है, इसी वजह से हर सुपरबाइक की आवाज़ यूनिक और दमदार होती है।
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तकनीकी रूप से देखा जाए तो कंपनियां सुपरबाइक्स की आवाज़ को कम कर सकती हैं, लेकिन वे ऐसा पूरी तरह से नहीं करतीं। इसके पीछे दो अहम कारण हैं। पहला, इंजीनियरिंग लिमिट और ब्रांड वैल्यू सुपरबाइक खरीदने वाला ग्राहक उसकी परफॉर्मेंस के साथ-साथ उसकी आवाज़ के लिए भी पैसे देता है। हालांकि Euro 5 और BS6 जैसे सख्त नियमों के चलते अब कई बाइक्स में ‘एक्टिव वाल्व’ वाले साइलेंसर दिए जा रहे हैं, जो कम स्पीड पर शांत रहते हैं और तेज रफ्तार में खुल जाते हैं।
दूसरा कारण है सेफ़्टी। बाइकिंग की दुनिया में एक कहावत मशहूर है “तेज आवाज़ जान बचाती है।” सुपरबाइक्स की आवाज़ से आसपास के वाहन और पैदल चलने वाले पहले ही सतर्क हो जाते हैं। अगर ये बाइक बिल्कुल शांत हों, तो हादसों की संभावना बढ़ सकती है, क्योंकि किसी को अंदाजा ही नहीं होगा कि इतनी तेज रफ्तार वाली बाइक पास से गुजर रही है।






