GST 2.0: गाड़ियों की कीमतों में बड़ा बदलाव, छोटे वाहन सस्ते और लग्जरी गाड़ियां महंगी

Modi Government Tax Changes: 56वीं GST काउंसिल बैठक में 12% और 28% वाले टैक्स स्लैब को समाप्त कर दिया है। अब केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% लागू किया जाएगा जो लोगो के लिए बड़ी राहत है।
GST 2.0: गाड़ियों की कीमतों में बड़ा बदलाव, छोटे वाहन सस्ते और लग्जरी गाड़ियां महंगी
GST 2.0 में क्या है 40% tex (सौ. AI)
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GST 2.0 New Rule 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने घोषित बदलाव अब हकीकत बन गए हैं। 56वीं GST काउंसिल बैठक में सरकार ने 12% और 28% वाले टैक्स स्लैब को समाप्त कर दिया है। अब केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% लागू होंगे। इसके अलावा लग्जरी और हाई-एंड वाहनों के लिए अलग से 40% का विशेष स्लैब बनाया गया है।

छोटे वाहनों के खरीदारों के लिए राहत

मध्यम वर्ग लंबे समय से बढ़ती कार की कीमतों से परेशान था। GST 2.0 ने उन्हें राहत दी है। अब चार मीटर से कम लंबाई वाली गाड़ियां सस्ती हो गई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • 1200cc तक की पेट्रोल कारें
  • 1500cc तक की डीजल कारें

इस बदलाव से Maruti Dzire, Honda Amaze, Tata Punch और Hyundai Exterior जैसी लोकप्रिय गाड़ियां अब आम लोगों के बजट में और आसानी से फिट हो जाएंगी।

लग्जरी कारें और SUV पर बढ़ा बोझ

जो ग्राहक SUV, MUV, MPV या प्रीमियम सेडान खरीदने का प्लान बना रहे हैं, उन्हें अब ज्यादा कीमत चुकानी होगी। सरकार ने चार मीटर से लंबी और बड़ी इंजन क्षमता वाली गाड़ियों को लग्जरी गुड्स की श्रेणी में रखा है।

  • 1200cc से ऊपर पेट्रोल इंजन
  • 1500cc से ऊपर डीजल इंजन

SUV जिनकी लंबाई 4000 mm से अधिक और ग्राउंड क्लीयरेंस 170 mm या उससे ज्यादा हो इन पर अब सीधे 40% GST लगाया जाएगा। इसका असर BMW, Mercedes, Audi जैसी लग्जरी कारों से लेकर Toyota Fortuner और Mahindra XUV700 जैसी हाई-डिमांड SUV पर भी पड़ेगा।

पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था में फर्क

पहले सभी यात्री वाहनों पर 28% GST के साथ 1% से 22% तक का अतिरिक्त सेस भी लगता था। वहीं, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर केवल 5% GST था। नई व्यवस्था में: केवल 5% और 18% GST स्लैब रहेंगे। लग्जरी वाहनों के लिए 40% विशेष स्लैब बनाया गया है। अब किसी भी गाड़ी पर अतिरिक्त सेस नहीं लगेगा।

मध्यम वर्ग को सीधी राहत

हालांकि बड़ी गाड़ियों पर टैक्स बढ़ा है, लेकिन छोटे वाहनों और टू-व्हीलर पर घटे टैक्स ने मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। इससे नए वाहनों की खरीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। बढ़ती महंगाई और सेकेंड-हैंड कारों की डिमांड के बीच यह सुधार ऑटोमोबाइल मार्केट में नई जान फूंक सकता है। इसके साथ ही GST के कम होने से आने वाले समय में Electric Vehicle की डिमांड को भी मार्कट में बढ़ते हुए देखा जाएगा।

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