पश्चिम अफ्रीका तट पर बड़ा हादसा, नाव डूबने से कम से कम 70 लोगों ने गंवाई जान

West Africa में एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक प्रवासी नाव डूब जाने से भारी जनहानि हुई है। गाम्बिया के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि नाव में लगभग 150 लोग सवार थे। बहुत कम लोगों को बचाया जा सका है।
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प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
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Boat Capsize in West Africa: बताया जा रहा है कि ये नाव गाम्बिया से रवाना हुई थी जिसमें ज्यादातर यात्री गाम्बिया और सेनेगल से थे। यह हादसा बुधवार सुबह मॉरिटानिया के तट के पास हुआ जब नाव डूब गई। अधिकारियों के अनुसार नाव में लगभग 150 लोग सवार थे, लेकिन इनमें से केवल 16 लोगों को ही जीवित निकाला जा सका है।

स्थानीय प्रशासन ने बुधवार और गुरुवार को तलाशी अभियान चलाकर करीब 70 शव बरामद किए हैं। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मृतकों की संख्या इससे कहीं ज्यादा, संभवतः 100 से अधिक हो सकती है। यह घटना यूरोप जाने वाले प्रवासियों के लिए हाल के वर्षों में सबसे भयावह दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

जोखिम भरा माना जाता है अटलांटिक मार्ग

इस हादसे ने एक बार फिर उस खतरनाक मार्ग की भयावहता को उजागर किया है, जिससे होकर प्रवासी पश्चिम अफ्रीका से स्पेन के कैनरी द्वीपों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। यह अटलांटिक मार्ग अत्यंत जोखिम भरा माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद हजारों लोग हर साल इस रास्ते को अपनाते हैं। यूरोपीय संघ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष रिकॉर्ड 46,000 से अधिक अवैध प्रवासी कैनरी द्वीप पहुंचे। वहीं, एक मानवाधिकार संगठन Caminando Fronteras का कहना है कि इसी अवधि में 10,000 से ज्यादा लोगों की जान गई, जो कि पिछले साल की तुलना में लगभग 58 प्रतिशत अधिक है।

गाम्बिया के विदेश मंत्रालय ने की अपील

इन खतरनाक हालातों के मद्देनजर गाम्बिया के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस तरह की जानलेवा यात्राओं से बचें। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इन प्रवास मार्गों पर लगातार बढ़ रही मौतों के चलते सावधानी बरतना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोग बेहतर भविष्य की तलाश में जान जोखिम में डालते हैं, लेकिन इस यात्रा की कीमत अक्सर जीवन से चुकानी पड़ती है।

इस घटना ने प्रवासन नीतियों और सुरक्षा उपायों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समुद्री मार्गों से यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह एक और चेतावनी है कि यह रास्ता कितना जानलेवा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रवासी देशों में जीवन स्तर और अवसरों में सुधार नहीं होगा, तब तक लोग ऐसे जोखिम उठाने के लिए मजबूर होते रहेंगे।

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