जालना मनपा की पहली समीक्षा बैठक, विकास कार्यों को प्राथमिकता; रुके कामों को मिलेगी रफ्तार

Jalna Municipal Corporation: जालना मनपा की पहली समीक्षा बैठक में निर्देश-बिना बजट वाले कार्य रोकें, स्वीकृत योजनाएं प्राथमिकता से पूरी करें।
Jalna Municipal Corporation's first review meeting, priority given to development works; stalled works will gain momentum
Development Projects ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalna Development Projects: जालना नवनिर्वाचित सदस्यों के पुणे में प्रशिक्षण पूरा कर लौटने के बाद बीते दिन महापौर कार्यालय में पहली अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध नहीं है, उन्हें फिलहाल रोका जाए।

जिन कार्यों के लिए धन स्वीकृत है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए। बैठक में अधिकारियों व कर्मियों को यह भी निर्देश दिए गए कि प्रशासकीय कालखंड में मनपा की ओर से लिए गए सभी प्रस्तावों व स्वीकृत कार्यों की पूरी जानकारी महापौर व उपमहापौर के समक्ष पेश की जाए ताकि के शहर के रुके विकास कार्यों को गति मिल सके।

पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल के अलावा महापौर वंदना मगरे, उपमहापौर राजेश राऊत, भाजपा महानगर अध्यक्ष भास्कर दानवे, लक्ष्मीकांत पांगारकर, अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम, उपायुक्त नंदा गायकवाड़, मनपा के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कुछ नगरसेवक मौजूद रहे।

स्वच्छता व जलापूर्ति को देंगे प्राथमिकता

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि शहर की स्वच्छता व जलापूर्ति व्यवस्था की कोई स्तर पर अनदेखी नहीं की जाएगी। अधिकारियों कर वसूली बढ़ाने कहा गया। बैठक से पहले सुबह महापौर व उपमहापौर ने शहर में बंद पड़ी कचरा उठाने वाली घंटा गाड़ियों का निरीक्षण किया, मनपा के पास मौजूद कुल 46 घंटा गाड़िया हर वार्ड में नियमित रूप से चलाने कहा गया। निरीक्षण में गाड़ियों के बंद होने के कारण जान कर उन्हें शीघ्र चालू करने के निर्देश भी दिए गए,

स्वच्छता व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी

मनपा की लापरवाही से एक सप्ताह तक कचरा उठाया नहीं जाता। कचरा उठाने के लिए कुल 50 घंटा गाड़ियां हैं, पर इनमें से कई वाहन खराब होने के कारण बंद हैं। उनके समय पर न पहुंचने से फ्लैटों व सोसायटियों में रहने वाले नागरिकों को कचरा घरों में जमा कर रखना पड़ रहा है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर से दुर्गंध व मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया है।

नहीं पहुंच रहीं घंटा गाड़ियां

शहर की नई कॉलोनियों जैसे राजपूतवाड़ी, मौली नगर, निघोना रोड, आयशा किरण टाउनशिप व नागेवाड़ी में घंटा गाड़ियों के नियमित रूप से नहीं पहुंचने से नागरिक मजबूरी में सड़क किनारे कचरा फेंक रहे हैं।

महापौर व उपमहापौर ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए अधिकारियों को कचरा संकलन व्यवस्था तुरंत दुरुस्त कर सभी क्षेत्रों में नियमित घंटा गाड़ी सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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