फांसी टली पर खतरा बरकरार, विदेश मंत्रालय ने निमिषा प्रिया केस को लेकर की अपील

Nimisha Priya Case: विदेश मंत्रालय ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में निमिषा प्रिया केस से जुड़ी नई जानकारी साझा की। साथ ही, अमेरिका के टैरिफ निर्णय और रूस से तेल आयात को लेकर भी स्पष्ट और ठोस जवाब दिया।
फांसी टली पर खतरा बरकरार, विदेश मंत्रालय ने निमिषा प्रिया केस को लेकर की अपील
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने निमिषा प्रिया मामले को लेकर गलत जानकारियों से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय ने इस मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा कि भारत सरकार स्थिति पर निरंतर निगरानी रखे हुए है और विदेशी सहयोगी देशों के साथ भी समन्वय बनाए हुए है।

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया, "यह एक संवेदनशील मामला है। भारत सरकार लगातार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। हमारे प्रयासों से सजा पर रोक लगाई जा सकी है। हम निरंतर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और कुछ मित्र देशों के साथ भी संवाद जारी है। इस मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां भ्रामक हैं, अतः लोगों से अनुरोध है कि वे हमारे आधिकारिक बयान का इंतजार करें।"

इसलिए दी गई है सजा

बता दें कि केरल की निवासी नर्स निमिषा प्रिया वर्तमान में यमन की राजधानी सना की जेल में कैद हैं। उन पर एक यमनी नागरिक और उनके पूर्व बिजनेस साझेदार तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके चलते उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को फांसी दिए जाने का निर्णय हुआ था, लेकिन सजा से ठीक एक दिन पहले यह सूचना मिली कि उनकी फांसी की सजा को अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दिया गया है।

भारत-रूस संबंधों पर कही ये बात

भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत-रूस संबंधों पर टिप्पणी के जवाब में कहा कि, "भारत अपने द्विपक्षीय संबंध स्वतंत्र रूप से और अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर निर्धारित करता है. भारत और रूस के बीच मजबूत संबंध दशकों से स्थिर और विश्वसनीय रहे हैं।"

दोनों देशों के संबंधों में कई उतार-चढ़ाव

भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों ने कई उतार-चढ़ावों का सामना किया है, लेकिन यह संबंध अभी भी मजबूत है। रक्षा खरीद के मामले में मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की रक्षा आवश्यकताएं पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक विचारों पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर कहा कि इस विषय पर पहले ही एक बयान जारी किया जा चुका है और उसे ही संदर्भ के तौर पर देखा जाना चाहिए।

रूस से तेल आयात रोकने की खबरों के बारे में प्रवक्ता ने कहा, "हम बाजार की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही ऊर्जा खरीद का निर्णय लेते हैं। इस विषय में हमारे पास कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।"

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