जालना: दोस्त बना धोखेबाज, तीन गुना रिटर्न का झांसा, निवेश के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 5 आरोपी गिरफ्तार

Jalna Fraud Case: जालना में एक मित्र ने तीन गुना रकम लौटाने का झांसा देकर ठेकेदार से 1.28 करोड़ की ठगी की। 5 आरोपियों पर मामला दर्ज।
Jalna: Friend turned fraudster, lured with triple returns, major fraud in the name of investment, 5 accused arrested
Financial Fraud ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalna Financial Fraud: जालना पैसों की तंगी का फायदा उठाकर एक मित्र द्वारा ही ठगी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। कम निवेश में एक महीने के भीतर तीन गुना राशि लौटाने का लालच देकर एक सरकारी ठेकेदार से।

करोड़ 28 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई, प्रकरण का खुलासा 15 फरवरी को होने के बाद कदीम पुलिस थाने में 5 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर प्रकरण की जांच का जिम्मा स्थानीय अपराध शाखा को सौंपा गया है।

जानकारी के अनुसार मंगेश सांडू गड़वे (31, मातोश्री कालोनी, इंदेवाड़ी जालना), 2 फरवरी को अपने कार्यालय में मौजूद थे। इसी दौरान उनके मित्र व आरोपी संदीप भगवान भिंगारे ने उनसे पैसों की जरूरत के बारे में पूछा व कम व्याज पर धन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने कहा कि इसके लिए दिल्ली जाना पड़ेगा और बैठक से संबंधित खर्च के रूप में तीन लाख रुपए लगेंगे, जिसकी जिम्मेदारी वह स्वयं लेगा।

दिल्ली व लखनऊ में हुई बैठकें

दोनों 14 फरवरी 2024 को तीन लाख रुपए लेकर दिल्ली पहुंचे। वहां एक होटल में संदीप भिंगारे के परिचित आदर्श पांडे, अभिनव सिंह व सुमित सिंह के साथ बैठक हुई, जिसमें 7 से 8 लोग मौजूद थे।

आरोपियों ने खुद को एक बड़ी कंपनी से जुड़ा बताते हुए कहा कि जितनी राशि निवेश की जाएगी, उसका तीन गुना मुनाफा एक महीने में दिया जाएगा। इसके लिए कम से कम 50 लाख रुपए निवेश करने की शर्त रखी गई।

आर्थिक जरूरत को देखते हुए मंगेश गडवे ने कुल 3 करोड़ रुपए निवेश करने की सहमति दी। मार्च 2024 में मंगेश गड़वे व संदीप भिंगारे 45 लाख रुपए लेकर लखनऊ गए, इसके बाद अलग-अलग अवसरों पर नकद राशि आरोपियों को दी गई।

16 मार्च को लखनऊ में और 35 लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में दे दिए गए। इसके कुछ समय बाद 10 अप्रैल 2024 को 70 लाख रुपए और सौंपे गए। इसके पश्चात आरोपी टालमटोल कर स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे।

धमकी के चलते विलंब से शिकायत दर्ज

जब पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही, तो संदीप भिंगारे ने उसे धमकाया और कहा कि शिकायत करने पर उल्टा उसी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। डर के चलते तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। बाद में जांच-पड़ताल के बाद ठगी की पुष्टि होने पर 15 फरवरी 2026 को कदीम पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई,

जुटा रहे ठगी से जुड़े दस्तावेज

पीड़ित की शिकायत पर कदीम पुलिस थाने में संदीप भिंगारे, आदर्श पांडे, अभिनव सिंह, एक अन्य पुरुष व एक महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

प्रकरण की जांच स्थानीय अपराध शाखा के सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन खामगल को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है व निवेश के नाम पर की गई ठगी से जुड़े सभी दस्तावेज व साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

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