- Hindi News »
- World »
- India Supports Iran Un Human Rights Resolution Rejects Western Pressure
UN में भारत ने पश्चिमी देशों को दिया झटका… ईरान के खिलाफ मानवाधिकार प्रस्ताव पर डाला ‘NO’ वोट
UN Human Rights Vote: भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में ईरान के खिलाफ पश्चिमी देशों के प्रस्ताव का विरोध करते हुए 'NO' वोट देकर अपनी स्वतंत्र और मजबूत विदेश नीति का परिचय दिया।
- Written By: प्रिया सिंह

UN में भारत ने ईरान के खिलाफ मानवाधिकार प्रस्ताव पर डाला 'NO' वोट (सोर्स-सोशल मीडिया)
India Iran Strategic Ties 2026: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के विशेष सत्र में भारत ने एक बार फिर दुनिया को अपनी स्वतंत्र विदेश नीति से चौंका दिया है। पश्चिमी देशों के भारी दबाव के बावजूद, भारत ने ईरान के खिलाफ लाए गए मानवाधिकार उल्लंघन के प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया। यह कदम भारत और ईरान के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंध की मजबूती को दर्शाता है। 22 जनवरी को हुए इस मतदान में भारत ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का समर्थन नहीं करता है।
प्रस्ताव की मुख्य वजह
पश्चिमी देशों द्वारा लाया गया यह प्रस्ताव ईरान में 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए देशव्यापी प्रदर्शनों से संबंधित था, जिसमें मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया था। इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण ईरान में बढ़ती महंगाई, आर्थिक संकट और मुद्रा का अवमूल्यन बताया गया था, जिससे वहां की जनता में भारी नाराजगी पैदा हो गई थी। प्रस्ताव में ईरान सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग और गिरफ्तारियों की तत्काल अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की गई थी, जिसे भारत ने खारिज कर दिया।
मतदान के वैश्विक नतीजे
मतदान के परिणामों पर नजर डालें तो फ्रांस, मेक्सिको और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि भारत और चीन सहित 7 देशों ने इसका कड़ा विरोध किया। इसके अलावा 14 देशों ने इस संवेदनशील मामले में अपना स्टैंड कॉमन रखा और मतदान की प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी, जिससे पश्चिमी गठबंधन को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ईरान ने इस पूरे प्रस्ताव को राजनीतिक रूप से प्रेरित और अपने आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूरी तरह खारिज कर दिया।
सम्बंधित ख़बरें
US News: ट्रंप के चेहरे से रिपब्लिकन पार्टी ने बनाई दूरी, मिडटर्म चुनाव के लिए बनाया ‘सीक्रेट प्लान’
दुनिया के Internet पर बड़ा खतरा, समुद्र में केबल काटेगा ईरान? भारत की डिजिटल इकोनॉमी पर होगा बुरा असर
चौथा इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट: एस. जयशंकर ने लॉन्च किया लोगो, जानें क्यों खास है ‘IA Spirit’ थीम
FIFA World Cup: ट्रंप के दूत की बड़ी मांग… आगामी वर्ल्ड कप में ईरान की जगह इटली को किया जाए शामिल
भारत की रणनीतिक नीति
भारत का यह स्टैंड उसके महत्वपूर्ण रणनीतिक हितों से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिसमें ईरान से ऊर्जा आयात और चाबहार पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। भारत का मानना है कि मानवाधिकार जैसे मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और सभी देशों को अपने आंतरिक विवाद खुद सुलझाने का पूरा मौका मिलना चाहिए। इस वोट के जरिए भारत ने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि वह अपनी विदेश नीति के फैसलों में किसी भी बाहरी शक्ति या पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुकता है।
पुराने संबंधों की मजबूती
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान का खुलकर साथ दिया है, इससे पहले 2022 में भी महसा अमिनी प्रदर्शनों पर भारत ने ईरान का समर्थन किया था। ईरान के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से बहुत मजबूत रहे हैं और इस ताजा समर्थन से दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और अधिक गहरा होने की पूरी संभावना है। भारत हमेशा क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और अपने पुराने मित्र देशों के साथ संकट के समय मजबूती से खड़े रहने की नीति का निरंतर पालन करता है।
यह भी पढ़ें: अबू धाबी में Russia-Ukraine Peace Talks… क्षेत्रीय विवादों के कारण समझौते पर सस्पेंस बरकरार
स्वतंत्र विदेश नीति का संदेश
भारत का ‘NO’ वोट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी बढ़ती ताकत और स्वायत्तता को प्रदर्शित करता है, जहां वह अपने हितों को सर्वोपरि रखता है। पश्चिमी देशों के गठबंधन के खिलाफ जाकर ईरान का समर्थन करना यह बताता है कि भारत अपनी नीतियों को किसी भी गुटबाजी से अलग रखकर स्वतंत्र रूप से संचालित करता है। यह निर्णय न केवल ईरान के साथ संबंधों को सुधारेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति में भारत की एक निष्पक्ष और आत्मनिर्भर छवि को भी दुनिया के सामने और अधिक मजबूत करेगा।
India supports iran un human rights resolution rejects western pressure
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
ठाणे में जलकर खाक हुई शिवशाही बस; धधकती आग से दमकलकर्मियों ने निकाला यात्री का 3 तोला सोना
Apr 23, 2026 | 04:36 PMCSK ने आयुष म्हात्रे की जगह इस धाकड़ खिलाड़ी को टीम में किया शामिल, मुंबई इंडियंस के लिए कर चुका है कमाल
Apr 23, 2026 | 04:35 PMबंगाल चुनाव: रिकॉर्ड वोटिंग और सत्ता परिवर्तन का क्या है कनेक्शन? जानें 1967 और 2011 के चौंकाने वाले आंकड़े
Apr 23, 2026 | 04:29 PMUP Board Result 2026: यूपी बोर्ड का रिजल्ट जारी, इतने प्रतिशत छात्र हुए पास; जानें किसने किया टॉप
Apr 23, 2026 | 04:27 PMबंगाल में 150 की भीड़ ने BJP एजेंट को घेरा, कार से खींचकर फोड़ा सिर; पुलिस और TMC की मिलीभगत का लगा आरोप
Apr 23, 2026 | 04:26 PMगोंदिया में सरपंच सम्मेलन की निमंत्रण पत्रिका में उपसभापतियों के नाम गायब, विवाद गहराया
Apr 23, 2026 | 04:15 PMपुणे रेलवे स्टेशन अपराधियों का अड्डा बन गया है? सांसद मेधा कुलकर्णी के औचक निरीक्षण में खुली पोल, मचा हड़कंप
Apr 23, 2026 | 04:14 PMवीडियो गैलरी

धौलपुर से आ रहा था मौत का सामान! UP में मिलावटी मावे की बड़ी खेप बरामद, शादियों के सीजन में FSDA का बड़ा एक्शन
Apr 23, 2026 | 02:28 PM
तमिलनाडु चुनाव 2026: मतदान केंद्रों पर उमड़ा सितारों का मेला! रजनीकांत से लेकर कमल हासन ने किया मतदान
Apr 23, 2026 | 02:09 PM
रक्तरंजित हुआ मुर्शिदाबाद…वोटिंग के दौरान TMC और हुमायूं कबीर के समर्थकों में हिंसक झड़प, इलाके में तनाव
Apr 23, 2026 | 01:54 PM
‘मेरे दुश्मनों के साथ भी ऐसा न हो’, पहलगाम हमले की बरसी पर शुभम की पत्नी की बातें झकझोर देंगी
Apr 22, 2026 | 10:56 PM
केदारनाथ में सिस्टम शर्मसार! पिता के शव के साथ धूप में बिलखता रहा बेटा, डीएम ने नहीं दिया हेलीकॉप्टर
Apr 22, 2026 | 10:46 PM
अखिलेश यादव की दिवंगत मां पर टिप्पणी के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने चप्पलों से पीटी मेयर की नेमप्लेट, देखें VIDEO
Apr 22, 2026 | 10:37 PM














