अमेरिका का ‘खामोश’ प्रहार: इंडो-पैसिफिक में ईरान का तेल टैंकर जब्त, बिना गोली चलाए पेंटागन ने पलटी बाजी
US Navy Seizes Iran Oil Tanker: अमेरिकी नौसेना ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक ऑपरेशन के तहत ईरान समर्थित प्रतिबंधित तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। पेंटागन की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने चेतावनी दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक एआई फोटो
US Navy Seizes Iran Oil Tanker Indo Pacific: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच समुद्री मोर्चे से एक ऐसी सनसनीखेज खबर आई है, जिसने वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी नौसेना ने बीच समुद्र में एक ‘हाई-वोल्टेज’ सीक्रेट ऑपरेशन को अंजाम देते हुए ईरान को समर्थन देने वाले एक प्रतिबंधित तेल टैंकर पर कब्जा कर लिया है।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अमेरिका ने इस ‘कांड’ को अंजाम देने के लिए एक भी गोली नहीं चलाई और बेहद शांत तरीके से पूरे जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया। जहां पेंटागन इस रणनीतिक सफलता पर गर्व कर रहा है वहीं ईरान ने कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कर दिया है कि वह इस ‘खामोश’ कार्रवाई को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा।
पेंटागन का ‘सरप्राइज रेड’
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस गुप्त ऑपरेशन की पुष्टि की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के विशेष बलों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में गश्त के दौरान इस संदिग्ध तेल टैंकर को चारों ओर से घेर लिया। यह टैंकर उन जहाजों की ‘ब्लैक लिस्ट’ में शामिल था जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर ईरान को आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने का काम कर रहे थे।
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सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी कमांडो अचानक टैंकर पर उतरे और क्रू को संभलने का मौका दिए बिना पूरे जहाज पर अपना कब्जा जमा लिया। पेंटागन ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि इस पूरी रेड के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं हुई।
इंडो-पैसिफिक से दुनिया को कड़ा संदेश
यह ऑपरेशन रणनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लाल सागर या होर्मुज की खाड़ी जैसे पारंपरिक तनाव वाले क्षेत्रों से दूर, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हुआ है। यह अमेरिका का दुनिया के लिए एक सीधा संदेश है कि ईरान का सपोर्ट नेटवर्क अब दुनिया के किसी भी कोने में सुरक्षित नहीं है और अमेरिकी सेना की पहुंच असीमित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस टैंकर को जब्त करके अमेरिका ने उन देशों को भी चेतावनी दी है जो अब भी ईरान के साथ तेल का व्यापार कर रहे हैं। अमेरिका ने यह दिखा दिया है कि वह अपने प्रतिबंधों को लागू करने के लिए किसी भी भौगोलिक सीमा को लांघ सकता है।
‘समुद्री डकैती’ का लगाया आरोप
दूसरी ओर, तेहरान ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। ईरान ने अपने तेल टैंकर पर कब्जे को ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अपने संसाधनों पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक वरिष्ठ ईरानी कमांडर ने कहा कि अमेरिका को इस ‘कांड’ की भारी कीमत चुकानी होगी और ईरान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक लड़ेगा। यह टैंकर दरअसल अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी को तोड़ने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा था जिसे विफल कर दिया गया है।
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ईरानी अर्थव्यवस्था की ‘लाइफलाइन’ पर चोट
ईरान के लिए उसके तेल टैंकर केवल जहाज नहीं, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की ‘लाइफलाइन’ हैं। अमेरिका द्वारा किसी भी टैंकर को जब्त करने का सीधा असर ईरान के खजाने पर पड़ता है, जिससे उसे अरबों डॉलर का नुकसान होता है। वर्तमान में जारी सीजफायर की चर्चाओं के बीच इंडो-पैसिफिक में हुआ यह ‘समुद्री गदर’ आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव को और अधिक बढ़ा सकता है।
