Hormuz की खाड़ी में जहाजों पर फायरिंग, ईरान ने की फिर से एंट्री बंद; क्या फिर बढ़ेंगे तेल के दाम?

Hormuz Strait Firing: होर्मुज की खाड़ी में ईरान ने फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण लागू कर दिया है। दो जहाजों पर गोलीबारी के बाद अब फिर दुनिया भर में तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
Shots Fired at Ships in the Gulf of Hormuz! Iran Blocks Entry—Will Oil Prices Rise Again?
सांकेतिक फोटो
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Hormuz Strait Firing: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक होर्मुज की खाड़ी में एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। शनिवार को ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस रास्ते पर अब फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण लागू कर दिया गया है। इस घोषणा के बीच 'TankerTrackers' नामक समुद्री जहाज ट्रैकिंग सेवा ने एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट साझा की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे कम से कम दो व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की गई है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरान का सख्त रुख

शनिवार की सुबह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जुलफागरी ने बताया कि होर्मुज की खाड़ी पर अब सैन्य नियंत्रण पहले की तरह ही सख्त रहेगा। ईरान ने इस कदम के पीछे अमेरिका की आर्थिक नीतियों और प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान के संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर एक व्यापारिक जहाज को IRGC की नौसेना से अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी। ईरान ने अमेरिका द्वारा उसके जहाजों पर लगाई गई नाकेबंदी को 'समुद्री लूट और चोरी' करार दिया है और कहा है कि जब तक ये प्रतिबंध नहीं हटते, यह रास्ता इसी तरह बंद रहेगा।

क्या विफल रही शांति की कोशिशें?

हैरानी की बात यह है कि यह संकट उस समय गहराया है जब दुनिया को तनाव कम होने की उम्मीद थी। बीते 16 अप्रैल को इजरायल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर के बाद ईरान ने संक्षिप्त समय के लिए होर्मुज की खाड़ी को खोलने के संकेत दिए थे। शनिवार सुबह आठ तेल टैंकरों का एक काफिला वहां से गुजरा भी था, जिससे बाजार में सकारात्मक संदेश गया था।

हालांकि, ईरान के ताजा सैन्य रुख और गोलीबारी की खबरों ने उन सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। स्थिति इतनी अनिश्चित है कि कई जहाज खाड़ी के पास पहुंचकर वापस मुड़ते देखे गए हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

होर्मुज की खाड़ी का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, यह इतिहास का सबसे बड़ा तेल आपूर्ति संकट है। वर्तमान में हर दिन लगभग एक करोड़ बैरल से अधिक तेल की सप्लाई बीच में ही अटकी हुई है। इसके अलावा, दुनिया की कुल गैस आपूर्ति में 20 फीसदी की भारी गिरावट आई है। इसका सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेट्रोल, डीजल, सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका है।

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