Us Iran Ceasefire Violation Uae Kuwait Drone Attacks Lavan Island Blast
सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद कोहराम! UAE और कुवैत पर बरसीं मिसाइलें, क्या फेल हो गया ट्रंप का ‘शांति’ प्लान?
US Iran Ceasefire Violation: अमेरिका और ईरान के बीच हुए 15 दिनों के सीजफायर पर संकट मंडरा रहा है। यूएई-कुवैत पर ड्रोन हमले और ईरान की तेल रिफाइनरी में विस्फोट ने तनाव फिर बढ़ा दिया है।
UAE और कुवैत पर ईरान का हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Iran Ceasefire Violation UAE Kuwait Drone Attacks: पश्चिम एशिया में जारी महाजंग के बीच बुधवार सुबह अमेरिका और ईरान के बीच जिस सीजफायर का ऐलान हुआ था, वह चंद घंटों के भीतर ही लड़खड़ाता नजर आ रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 40 दिनों से चल रही जंग को रोकने के लिए 15 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी थी लेकिन ताजा घटनाक्रमों ने इस शांति समझौते पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत ने दावा किया है कि उन पर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं।
UAE और कुवैत पर मिसाइल-ड्रोन की बौछार
यूएई सरकार के आधिकारिक बयानों के अनुसार, ईरान की ओर से अभी भी मिसाइलें दागी जा रही हैं। यूएई ने स्पष्ट किया कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम इन हमलों का जवाब देने और मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट करने में सक्षम है हालांकि उन्होंने हमलों के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया है।
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JUST IN: 🇦🇪UAE Air Defence systems are actively engaging with missiles and UAV threats – UAE MOD
वहीं, कुवैत की सेना ने भी एक गंभीर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सुबह 8 बजे से ही ईरानी ड्रोन उनके दक्षिणी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों और बिजली स्टेशनों को निशाना बना रहे हैं, जिससे वहां के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
ईरान की तेल रिफाइनरी में बड़ा विस्फोट
सीजफायर के उल्लंघन की खबरों के बीच खुद ईरान के भीतर से भी अशांति की खबर आई है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, लावन आईलैंड पर स्थित एक तेल रिफाइनरी में भीषण धमाका हुआ है। युद्धविराम के ऐलान के बाद ईरान के भीतर विस्फोट की यह पहली बड़ी घटना है। हालांकि, इस धमाके के पीछे का वास्तविक कारण क्या है और इसमें कितना नुकसान हुआ है, इसकी जांच अभी जारी है।
लेबनान में जारी रहेगी जंग
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजरायल ने अपनी स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि ईरान के साथ हुआ यह दो सप्ताह का सीजफायर लेबनान में लागू नहीं होगा। इजरायल का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हमले रोकने के फैसले का समर्थन तो किया है, लेकिन इसके बदले ईरान को तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और सभी हमले बंद करने की शर्त रखी है।
ट्रंप का दावा और पाकिस्तान की भूमिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर को विश्व शांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया था। उन्होंने इस समझौते का श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीरकी अपील को दिया था। ट्रंप का मानना है कि ईरान अब संघर्ष से थक चुका है और शांति की ओर बढ़ना चाहता है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि अमेरिका होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को सामान्य बनाने में मदद करेगा ताकि वैश्विक व्यापार बाधित न हो। हालांकि, यूएई और कुवैत पर हुए ताजा हमलों ने ट्रंप के इन शांति दावों को बड़ी चुनौती दे दी है।
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