

Pond Scam In Damoh: दमोह जिले में शासकीय पेसो के बंदरबांट का बड़ा घोटाला सामने आया है। धरातल पर बगैर तालाब निर्माण के पुराने प्राकृतिक जल स्रोतों को तालाब दिखाकर लाखो रुपए का भुगतान कर लिया गया है। घोटाला छुपाने के लिए कई शासकीय कागजो में बदलाव तक कर दिया गया है। अमृत सरोवर योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला वर्ष 2022-23 में ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा, मनरेगा, वॉटरशेड और वन विभाग के माध्यम से बनाए गए 125 अमृत सरोवरों से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, जब इन तालाबों में कथित गड़बड़ियों की जांच शुरू हुई तो ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा ने जांच दल को 125 की जगह सिर्फ 113 तालाबों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया।
आरोप है कि 12 तालाबों को सरकारी रिकॉर्ड से ही हटा दिया गया। मामले की पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कहीं नाले की गहरी खुदाई को नया तालाब बताकर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया, तो कहीं पहले से बने पुराने तालाब को ही अमृत सरोवर दिखाकर सरकारी राशि निकाल ली गई। कुछ स्थानों पर अमृत सरोवर के नाम पर केवल सौंदर्यीकरण किया गया, जबकि नए निर्माण का दावा किया गया। वहीं, कई जगह तालाबों की जमीन पर खेती होती मिली।
बताया जा रहा है कि बटियागढ़ जनपद के रोसरा गांव में करीब 27 लाख रुपये खर्च दिखाकर नाले को ही तालाब घोषित कर दिया गया। वहीं, दूसरे गांव में लगभग 47 लाख रुपये की लागत से नया अमृत सरोवर बनने का दावा किया गया लेकिन मौके पर पहले से बना पुराना तालाब मिला। पटेरा जनपद के लुहारी गांव में भी पुराने तालाब को अमृत सरोवर बताकर लाखों रुपये खर्च दर्शाने का मामला सामने आया।
इन मामलों की शिकायत जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों तक भी पहुंची लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उधर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि यदि जांच में तालाब छिपाने या रिकॉर्ड से हटाने की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दमोह जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुल पगार का कहना है कि समाचार पत्रों के माध्यम से इस पूरी घटना की जानकारी लगी है।
बता दें कि मामले में दोबारा जांच करने की बात कही गई है उनका कहना है कि अगर इस पूरे मामले में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे पर भी कार्रवाई की जाएगी अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी रिकॉर्ड से 12 तालाब कैसे गायब हो गए क्या यह महज लापरवाही है या फिर सरकारी धन के दुरुपयोग को छिपाने की कोशिश जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आ पाएंगे।
https://youtu.be/1dKT5J1MAOY?si=oH5oD0D4l0CZ_FPK