

UAE Pakistan Relations News In Hindi: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शुक्रवार को अपने पहले आधिकारिक दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे। यह दौरा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर हो रहा है। एक दिवसीय यात्रा के दौरान शेख नाहयान का इस्लामाबाद स्थित नूर खान एयरबेस पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने औपचारिक रूप से स्वागत किया।
पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश के दौरान पाकिस्तान वायुसेना के फाइटर जेट्स ने यूएई राष्ट्रपति के विमान को एस्कॉर्ट किया और उन्हें औपचारिक हवाई सलामी दी। इससे पहले शेख मोहम्मद बिन जायद इस वर्ष जनवरी में निजी यात्रा पर पाकिस्तान आए थे लेकिन राष्ट्रपति के रूप में यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान पहुंचा है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यूएई राष्ट्रपति की यह यात्रा दोनों देशों के बीच दशकों पुराने भाईचारे के रिश्तों को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति शेख नाहयान के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, श्रम और सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा दोनों नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। खास तौर पर मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति, वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और इस्लामी देशों के बीच सहयोग को लेकर बातचीत होने की संभावना है। पाकिस्तान और यूएई के बीच आर्थिक संबंध पहले से ही मजबूत रहे हैं और यूएई मध्य-पूर्व में पाकिस्तान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है।
हालांकि, यह दौरा ऐसे संवेदनशील समय पर हो रहा है जब यूएई ने हाल ही में पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा जारी करना लगभग बंद कर दिया है। नवंबर के आखिर में यूएई प्रशासन ने पाकिस्तानी भिखारियों और अवैध गतिविधियों की बढ़ती शिकायतों के बाद यह सख्त कदम उठाया था। फिलहाल यूएई केवल ब्लू और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट धारकों को ही वीजा जारी कर रहा है।
यूएई में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी प्रवासी रहते और काम करते हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों की अहम कड़ी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस मुद्दे को राष्ट्रपति शेख नाहयान के सामने उठा सकते हैं और वीजा प्रतिबंधों में ढील की मांग कर सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह दौरा न केवल कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा दे सकता है, बल्कि पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा नियमों में संभावित राहत की उम्मीद भी जगा सकता है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस उच्चस्तरीय बैठक से पाकिस्तान और यूएई के रिश्तों को क्या नई सौगात मिलती है।