
डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India US Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘हाउस जीओपी मेंबर रिट्रीट’ (रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों की बैठक) में बोलते हुए भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों पर चर्चा की।
ट्रंप ने कहा कि प्राइम मिनिस्टर मोदी मुझसे मिलने आए थे, मेरे उनके साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। लेकिन वह मुझसे उतने खुश नहीं हैं, क्योंकि उन्हें काफी शुल्क देना पड़ रहा है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक असंतुलन को लेकर तनाव बढ़ रहा है।
ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले सामानों पर आयात शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रूस से खरीदे जाने वाले तेल पर लगाया गया 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क है। अमेरिका लगातार भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद की आलोचना करता रहा है। हालांकि, ट्रंप ने बैठक में यह भी दावा किया कि उनके दबाव के चलते अब भारत ने रूस से तेल का व्यापार काफी हद तक कम कर दिया है।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत पिछले पांच सालों से ‘अपाचे हेलीकॉप्टरों’ का इंतजार कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया है और अब उनकी सरकार इस प्रक्रिया में तेजी ला रही है। ट्रंप ने संकेत दिया कि वह पुरानी नीतियों को बदल रहे हैं ताकि रक्षा सौदों में देरी न हो।
दूसरी ओर, भारत ने हमेशा रूस से तेल खरीदने के अपने फैसले का बचाव किया है। भारत का तर्क है कि यह फैसला देश के नागरिकों को सस्ता ईंधन उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत रूसी तेल का एक बड़ा खरीदार बनकर उभरा है, जिसे लेकर अमेरिका और भारत के बीच बातचीत जारी है।
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टैरिफ और बढ़ने की चेतावनी ट्रंप ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि भारत ने रूसी तेल के आयात पर अमेरिका की चिंताओं को दूर नहीं किया तो वाशिंगटन भारतीय सामानों पर टैरिफ और अधिक बढ़ा सकता है। अमेरिका का प्राथमिक लक्ष्य भारत के साथ अपने व्यापार घाटे को कम करना है।






