ट्रंप के ग्रीनलैंड प्लान से खतरे में NATO! राष्ट्रपति मैक्रों ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, कई देश उतरे मैदान में

Macron Emergency Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड के अधिग्रहण की मंशा जताने के बाद वैश्विक तनाव बढ़ गया है। फ्रांस ने जवाब में ग्रीनलैंड में सैन्य तैनाती शुरू कर दी है।
Trump's Greenland plan threatens NATO! President Macron calls emergency meeting, several countries get involved
इमैनुएल मैक्रॉन और ट्रम्प, कॉन्सेप्ट फोटो
Published on
Updated on

Trump Greenland News In Hindi: दुनिया के नक्शे पर एक नए भू-राजनीतिक युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने या अधिग्रहित करने की धमकी के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पेरिस में आपातकालीन रक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई है और अपनी सेना को ग्रीनलैंड के लिए रवाना कर दिया है।

पेरिस में हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग

पेरिस में यह बैठक सुबह 7 बजे (GMT) शुरू हुई जिसमें फ्रांस के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में न केवल ट्रंप की ग्रीनलैंड नीति, बल्कि ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों पर हो रहे हिंसक दमन पर भी विचार-विमर्श किया गया।

फ्रांसीसी सेना की ग्रीनलैंड में तैनाती

राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से पुष्टि की कि फ्रांसीसी सैन्य कर्मियों का पहला समूह पहले ही ग्रीनलैंड की ओर रवाना हो चुका है। मैक्रों ने स्पष्ट किया कि यह तैनाती डेनमार्क के अनुरोध पर की गई है और फ्रांसीसी सैनिक वहां डेनमार्क और ग्रीनलैंड द्वारा आयोजित एक संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लेंगे। एक फ्रांसीसी सैन्य अधिकारी के अनुसार, ग्रीनलैंड भेजे गए ये सैनिक विशेष रूप से ठंडे और पहाड़ी वातावरण में ऑपरेशन करने के विशेषज्ञ हैं।

यूरोपीय देशों का एकजुट मोर्चा

ट्रंप की इस कार्रवाई ने पूरे यूरोप में हलचल मचा दी है। फ्रांस के साथ-साथ जर्मनी, नॉर्वे और स्वीडन जैसे मित्र देशों ने भी कोपेनहेगन (डेनमार्क की राजधानी) और नूक (Nuuk - ग्रीनलैंड की राजधानी) के समर्थन में अपने सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी है। यह कदम वाशिंगटन और उसके पारंपरिक यूरोपीय सहयोगियों के बीच गहरे मतभेदों को दर्शाता है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने ट्रंप की इस मंशा को 'कल्पना' करार देते हुए खारिज कर दिया है, लेकिन अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति के इस्तेमाल के विकल्प को खुला रख रहा है।

नाटो के अस्तित्व पर संकट

इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय गठबंधन नाटो के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक यूरोपीय आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड पर सैन्य कब्जा करने की कोशिश करता है, तो यह नाटो का अंत हो सकता है। वहीं, रूस के मेदवेदेव ने चुटकी लेते हुए कहा कि यदि ट्रंप ने जल्दी नहीं की तो ग्रीनलैंड रूस में शामिल होने के लिए मतदान कर सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com