

US President Drops Tariff Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने NATO महासचिव मार्क रुटे के साथ सफल बातचीत के बाद ग्रीनलैंड टैरिफ की धमकी छोड़ी। यह रणनीतिक बदलाव 1 फरवरी से लागू होने वाले प्रस्तावित व्यापारिक प्रतिबंधों को अब रोक देगा। भविष्य के फ्रेमवर्क पर आधारित यह नया समझौता अमेरिका और सहयोगियों के लिए हितकारी होगा।
मार्क रुटे के साथ हुई मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र के लिए एक भविष्य का समझौता फ्रेमवर्क तैयार है। इसके चलते अब यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले भारी टैरिफ का खतरा पूरी तरह टल गया है। इस समझौते और फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप ने एक विशेष टीम नियुक्त की है। इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो बहुत अहम भूमिका निभा रहे हैं। विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं और वे सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करेंगे।
जब रिपोर्टर्स ने ट्रंप से ग्रीनलैंड की असली कीमत पूछी, तो उन्होंने कोई आंकड़ा नहीं दिया। ट्रंप ने कहा कि इसकी असली कीमत पैसा नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा है। उन्होंने पहले की धमकियों पर सफाई देने के बजाय सुरक्षा के वैश्विक महत्व पर जोर दिया।
नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने 9/11 हमलों के समय नाटो के सहयोग की याद दिलाई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट के समय सहयोगी देश अमेरिका के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। ट्रंप ने इस भरोसे की सराहना की और रुटे को एक बहुत विश्वसनीय नेता करार दिया।
ट्रंप की घोषणा से कुछ घंटे पहले यूरोपीय पार्लियामेंट ने व्यापार सौदे को रोक दिया था। डेनिश क्षेत्र पर ट्रंप की धमकियों के कारण सांसदों ने अनिश्चित काल के लिए वोट किया। अब टैरिफ हटने के बाद उम्मीद है कि व्यापारिक संबंधों में फिर से सुधार आ सकेगा।
ट्रंप ने पहले ग्रीनलैंड को "बर्फ का एक टुकड़ा" कहा था लेकिन इसे जरूरी बताया। आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह स्थान अमेरिकी सुरक्षा के लिए बेहद खास है। दुनिया की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह छोटा सा हिस्सा अहम है।