
नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स - सोशल मीडिया)
Trump on US India Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने पहुंचे हैं, जहां उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। फोरम को संबोधित करने के बाद ट्रंप ने भारतीय मीडिया से भी बातचीत की, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों, खासतौर पर दोनों देशों के बीच संभावित ट्रेड डील को लेकर खुलकर बात की।
मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है और वे उन्हें एक बेहतरीन व्यक्ति मानते हैं। ट्रंप ने मोदी को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच भविष्य में एक बहुत अच्छी और मजबूत ट्रेड डील होने की पूरी संभावना है। उनके इस बयान को दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएं पहले टूट गई थीं, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त महीने में भारतीय उत्पादों पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। यह दर दुनिया की सबसे ऊंची टैरिफ दरों में गिनी जाती है। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगाया गया था, जिससे दोनों देशों के कारोबारी संबंधों में तनाव देखने को मिला।
हालांकि, भारत ने पिछले सप्ताह यह स्पष्ट किया था कि फरवरी पिछले साल से बातचीत शुरू होने के बाद दोनों देश कई बार किसी समझौते के बेहद करीब पहुंचे हैं। अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में पदभार संभालने के बाद सर्जियो गोर ने भी कहा था कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देश सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं और अगली दौर की वार्ता बहुत जल्द होने वाली है।
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इसी कड़ी में हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु ऊर्जा और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत और अमेरिका ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए भारत ने अमेरिका से ऊर्जा और रक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाने का भी भरोसा दिलाया है। हालांकि, व्यापक समझौते को लेकर अब भी कई मुद्दे लंबित बने हुए हैं।






