
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Davos Speech In Hindi: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में भाषण दिया। संबोधन की शुरुआत में ही उन्होंने वहां मौजूद लोगों को ‘दोस्त और कुछ को दुश्मन’ कहकर संबोधित किया। ट्रंप ने वैश्विक मंच से चीन, रूस, डेनमार्क, और कनाडा जैसे देशों पर तीखे हमले किए और अपने महत्वाकांक्षी ‘गोल्डन डोम’ डिफेंस सिस्टम का बखान किया।
ट्रंप ने कनाडा को ‘एहसान फरामोश’ करार देते हुए दावा किया कि कनाडा आज केवल यूनाइटेड स्टेट्स की वजह से जिंदा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कनाडा को बहुत सारी चीजें मुफ्त में देता है जिसके लिए उन्हें शुक्रगुजार होना चाहिए लेकिन वे ऐसा नहीं करते। इसी तरह उन्होंने डेनमार्क को भी एहसान फरामोश बताया। ट्रंप के अनुसार, उनका प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ सिस्टम स्वभाविक रूप से कनाडा की भी रक्षा करेगा।
ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका इसका मालिकाना हक चाहता है क्योंकि इसे केवल लीज पर लेकर सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग नहीं करना चाहते, लेकिन यदि वे ऐसा करते हैं तो अमेरिका ‘अजेय’ होगा। ट्रंप ने नाटो पर भी अपना गुस्सा निकालते हुए कहा कि अमेरिका को इस गठबंधन से कभी कुछ नहीं मिला।
एक तरफ जहां ट्रंप ‘गोल्डन डोम’ के कसीदे पढ़ रहे थे, वहीं अमेरिकी सेना के पूर्व अधिकारी डैनियल डेविस ने इन दावों की पोल खोल दी है। डेविस ने कहा कि रूस की ‘ओरेश्निक’ हाइपरसोनिक मिसाइल को रोकना फिलहाल नामुमकिन है। उन्होंने ट्रंप की ‘गोल्डन डोम फॉर अमेरिका’ पहल पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की मिसाइल टेक्नोलॉजी के दौर में ऐसा डिफेंस सिस्टम होना केवल एक कल्पना मात्र है। डेविस ने ग्रीनलैंड पर हिंसक कब्जे की संभावना को भी ‘बेतुका’ बताया।
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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 का आगाज 19 जनवरी से हुआ है। यह वार्षिक बैठक 23 जनवरी तक चलेगी। इस आयोजन में 130 देशों से करीब 3,000 हाई-लेवल प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं जिनमें दुनिया भर के नेता, बड़ी कंपनियों के सीईओ, एक्टिविस्ट और ऑब्जर्वर शामिल हैं। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप भी WEF में वैश्विक नेताओं से मुलाकात करेंगे।






