पिता चलाते हैं परचून की दुकान...बेटे ने UPSC परीक्षा में किया कमाल, पढ़ें AIR 340 लाने वाले कार्तिक की कहानी

Success Story: UPSC परीक्षा 2025 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी किया गया। कुल 958 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इस रिजल्ट में राजस्थान के नारायणपुर कस्बे के रहनेवाले कार्तिक सिंघल का भी नाम है।
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कार्तिक सिंघल (नवभारत)
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UPSC Results: यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी किया गया। कुल 958 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इस रिजल्ट में राजस्थान के नारायणपुर कस्बे के रहनेवाले कार्तिक सिंघल का भी नाम है।

2025 की सिविल सर्विसेस की परीक्षा में उनकी रैंक 340वीं है। यह जर्नी उनके लिए आसान नही रही है। कार्तिक सिंघल एक साधारण परिवार से आते है जहां उनके पिता रमेश चंद सिंघल की एक छोटी सी पंचुरन की दुकान चलाते है। घर की आर्थिक हालात कुछ खास अच्छे नही थे लेकिन माता- पिता का लगातार सपोर्ट मिलता रहा।

हिंदी मीडियम स्कूल में पढ़े कार्तिक

यूपीएससी सिविल सर्विसेस परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है, जहां ज्यादातर आईआईटी व मेडिकल बैकग्राउंड वाले छात्रों का चयन होता है। लेकिन कार्तिक सिंघल ने साबित कर दिया है कि अगर मेहनत करने का जज्बा हो और लक्ष्य को पाने की जिद हो तो कोई भी व्यक्ति इस परीक्षा को भेद सकता है। कार्तिक ने बारवीं तक पढ़ाई नारायणपुर में ही की और ग्रेजुएशन जयपुर के महाराजा कॉलेज से पूरी की। गौरतलब है कि स्कूल में वह हिंदी मीडियम से पढ़े लेकिन यूपीएससी की परीक्षा अंग्रेजी माध्यम में दिया। उन्होंने बीएससी क्षेत्र में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद से ही वे सिविल सर्विसेस की परीक्षा की तैयारी में जुट गए।

कार्तिक ने रोजाना की 10 घंटे की पढ़ाई

कार्तिक ने बताया कि उनका डेली रूटीन अन्य अभ्यर्थियों की तरह ही था। वह सुबह 7 बजे पढ़ने बैठ जाते थे और 10 बजे तक तक पढ़ते थे। इसके बाद 11 बजे से 2 बजे दोपहर तक, फिर 2:30 से 5:30 शाम तक और दिन की आखिरी स्लॉट शाम 6 से लेकर 8:30 बजे रात तक। यानी कुल मिलाकर वह रोजाना 10 घंटे की पढ़ाई करते थे। उन्होंने दिल्ली में रहकर तैयारी जारी रखी।

मैथेमैटिक्स के बनाया ऑप्शनल सब्जेक्ट

आमतौर पर सभी परीक्षार्थी गणित से दूरी बनाते हैं, लेकिन मुख्य परीक्षा में कार्तिक का वैकल्पिक (ऑप्शनल) विषय मैथेमैटिक्स रहा। यह विषय काफी कठिन माना जाता है। उन्होंने बताया कि मेंस की रणनीति में जीएस और वैकल्पिक विषय दोनों में बराबर समय देना पड़ा।

चौथे प्रयास में हुआ कार्तिक का चयन

कार्तिक के लिए यह सफर आसान नही रहा। वर्ष 2022 में पहली बार परीक्षा में बैठे थे लेकिन यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सके लेकिन उन्होंने हार नही मानी, बल्कि अपनी गलतियों को सुधारने में जुट गए। उनकी मेहनत लगातार जारी रही। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान कई बार मन में नकारात्मक भाव आते है लेकिन ऐसी बातों पर ध्यान न देकर उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

वर्ष 2023 व वर्ष 2024 के दौरान प्रीलिम्स परीक्षा तो पास कर ली लेकिन मेंस परीक्षा को पास नही कर पाए। लेकिन आखिरकार चौथे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें 340वीं रैंक मिल गई। जिन अभ्यर्थियों का चयन इस वर्ष नही हुआ उनको लेकर कार्तिक ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण पर भरोसा रखी और निष्काम कर्म करते रहो, सफ़लता जरूर मिलेगी।

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