
अमेरिका ईरान तनाव, कॉन्सेप्ट फोटो
Daniel L Davis US Iran War Prediction News In Hindi: मिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ा नजर आ रहा है। पूर्व अमेरिकी सेना अधिकारी और विदेश नीति विशेषज्ञ डैनियल एल डेविस ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस महीने की 26 तारीख के आसपास ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले का ‘खतरे का द्वार’ खुल सकता है। डेविस के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग के घटनाक्रम और हालिया सैन्य तैनातियां इसी ओर इशारा कर रही हैं।
डेविस ने एक मीडिया से बात करते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना की वर्तमान स्थिति ऐसी है कि वह किसी भी क्षण बड़ी कार्रवाई करने में सक्षम है। रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन ने दक्षिण चीन सागर से विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और उसके स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट की ओर रवाना कर दिया है। इस स्ट्राइक ग्रुप में लड़ाकू विमानों के साथ-साथ हमलावर पनडुब्बी और कई अन्य युद्धपोत भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में बढ़ती मुद्रास्फीति और आर्थिक संकट के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन किया है। ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के 37 साल के शासन को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा है कि अब ईरान में नए नेतृत्व का समय आ गया है। सूत्रों के अनुसार, पेंटागन ने ट्रंप को हमले के लिए कई विकल्प दिए हैं जिनमें पारंपरिक हवाई हमलों के अलावा साइबर और मनोवैज्ञानिक अभियान भी शामिल हैं।
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डैनियल डेविस ने चेतावनी दी है कि ट्रंप प्रशासन के तहत यह सैन्य कार्रवाई न केवल क्षेत्रीय युद्ध को भड़का सकती है बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर सकती है। उन्होंने कहा कि हालांकि बम गिरने शुरू होने तक कुछ भी बदला जा सकता है लेकिन फिलहाल अमेरिका और इजरायल दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं। डेविस ने यह भी याद दिलाया कि ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में भी सोमालिया, इराक और सीरिया जैसे देशों में हमले किए थे इसलिए उनके दावों को महज ‘दिखावा’ नहीं माना जा सकता।






