
ट्रम्प पुतिन तनाव, कॉन्सेप्ट फोटो
US Russia Tension News In Hindi: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक साहसिक सैन्य ऑपरेशन में पकड़े जाने के बाद पूरी दुनिया में यह सवाल गूंज रहा था कि क्या अमेरिका का अगला निशाना रूस होगा? हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इन तमाम चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ किसी भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ या बड़े सैन्य ऑपरेशन की योजना नहीं है।
पिछले हफ्ते अमेरिकी सेना की ‘डेल्टा फोर्स’ ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में मादुरो के आवास पर छापा मारकर उन्हें और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था। इस घटना के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक गुप्त संकेत देते हुए कहा था कि यदि तानाशाहों के साथ यही व्यवहार होना है, तो अमेरिका जानता है कि आगे क्या करना है।
जेलेंस्की का इशारा पुतिन की ओर था जिनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) का वारंट भी जारी है। इस पर ट्रंप ने दो टूक कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसकी आवश्यकता होगी। मुझे लगता है कि हमारे उनके (पुतिन) साथ बहुत अच्छे संबंध रहने वाले हैं।”
भले ही ट्रंप पुतिन के साथ अच्छे संबंधों की बात कर रहे हों लेकिन वे यूक्रेन युद्ध के लंबा खिंचने से बेहद नाराज हैं। तेल और गैस क्षेत्र के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने खुलासा किया कि केवल पिछले महीने ही इस युद्ध में 31,000 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकांश रूसी सैनिक थे। ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि यह युद्ध आसानी से सुलझ जाएगा, लेकिन अब तक इसके खत्म न होने से वे काफी निराश हैं।
मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे एक बड़ा आर्थिक पहलू भी है। ट्रंप ने वेनेजुएला के भविष्य को वहां के विशाल तेल भंडार से जोड़ दिया है और अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को वहां 100 अरब डॉलर तक के निवेश के लिए तैयार बताया है। ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला के कच्चे तेल से होने वाली आय का उपयोग अमेरिकी प्राथमिकताओं के अनुसार किया जाएगा।, वे जल्द ही विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो से मुलाकात करने वाले हैं।
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एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप इसे अपनी जीत मान रहे हैं तो दूसरी तरफ काराकस की सड़कों पर लोग इस अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अमेरिका उनके संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। 70 वर्षीय नागरिक कार्यकर्ता जोसेफिना कास्त्रो ने कड़े शब्दों में कहा कि इतना सब होने के बाद हमें ट्रंप को तेल की एक बूंद भी नहीं देनी चाहिए। इससे स्पष्ट है कि मादुरो को हटाए जाने के बावजूद वहां स्थिति सामान्य नहीं है।






