ईरान में फंसे Indian Students की सुरक्षा पर संकट: जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Iran Student Safety: JKSA ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ईरान में फंसे 2,000 भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित निकालने की योजना बनाने की मांग की है।
JKSA Urges PM Modi to Intervene for Indian Students Safety Amid Unrest in Iran
ईरान में फंसे 2,000 से अधिक भारतीय छात्र (सोर्स-सोशल मीडिया)
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PM Modi Letter Iran Crisis 2026: ईरान में जारी आंतरिक संघर्ष और नागरिक अशांति के बीच वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। जम्मू और कश्मीर छात्र संघ (JKSA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है। छात्रों के परिवारों और संघ का कहना है कि वहां के मौजूदा हालात की वजह से सैकड़ों कश्मीरी छात्र भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हैं। भारत सरकार से आग्रह किया गया है कि वे इन छात्रों के कल्याण और सुरक्षित वापसी के लिए कूटनीतिक स्तर पर ठोस कदम उठाएं।

छात्रों की सुरक्षा पर गहराता संकट

जेकेएसए के संयोजक नासिर खुएहामी के अनुसार ईरान के विभिन्न चिकित्सा विश्वविद्यालयों में लगभग 2,000 कश्मीरी छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। वहां फैली राजनीतिक उथल-पुथल के कारण छात्र छात्रावासों और सार्वजनिक सेवाओं का उपयोग करने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इंटरनेट पाबंदियों और सुरक्षा सलाह की कमी ने छात्रों के बीच असहायता और डर का माहौल बना दिया है।

परिजनों की बढ़ती मानसिक पीड़ा

ईरान में संचार के साधनों पर लगी रोक के कारण भारत में बैठे परिवारों को अपने बच्चों की सही स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। जेकेएसए को लगातार संकटकालीन संदेश मिल रहे हैं जिनमें छात्रों ने आवाजाही पर प्रतिबंध और आपातकालीन उपायों के अभाव की शिकायत की है। समय पर जानकारी न मिलने से हजारों किलोमीटर दूर रह रहे माता-पिता अत्यधिक मानसिक तनाव और चिंता का सामना कर रहे हैं।

चौबीसों घंटे हेल्पलाइन की मांग

छात्र संघ ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि विदेश मंत्रालय को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ एक समर्पित संचार चैनल स्थापित करने का निर्देश दें। यह चैनल चौबीसों घंटे चालू रहना चाहिए ताकि छात्र किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें। वास्तविक समय की जानकारी मिलने से न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि उनके परिवारों को भी आवश्यक सांत्वना और सुरक्षा का आश्वासन मिल सकेगा।

निकासी योजना तैयार रखने की अपील

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संघ ने सरकार से एक व्यापक निकासी योजना (Evacuation Plan) पहले से तैयार रखने का आग्रह किया है। अगर वहां सुरक्षा स्थिति और अधिक बिगड़ती है, तो समय पर की गई कार्रवाई छात्रों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। जेकेएसए ने जोर दिया कि विदेशों में पढ़ रहे नागरिकों की सुरक्षा सरकार का संवैधानिक दायित्व है जिसे सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

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