ट्रंप की टेंशन के बीच चीन-ब्रिटेन का बड़ा कदम; स्टार्मर और शी ने मिलाया हाथ, कई बड़े मुद्दों पर लगी मुहर

Keir Starmer China Visit: ब्रिटिश PM स्टार्मर ने बीजिंग में राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी का आह्वान किया। ट्रंप की नीतियों के साये में ब्रिटेन-चीन के रिश्तों में यह बड़ा बदलाव है।
Amidst Trump's tensions, China and Britain take a major step; Starmer and Xi shake hands, sealing agreements on several key issues.
स्टार्मर से मिलते शी जिनपिंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Xi Jinping Starmer Meeting News In Hindi: ब्रिटेन और चीन के बीच ठंडे पड़े कूटनीतिक रिश्तों में एक नई गर्माहट देखने को मिल रही है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। पिछले आठ वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यह पहली चीन यात्रा है जो दोनों देशों के बीच वर्षों से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप का साया और वैश्विक स्थिरता

यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापारिक नीतियों और टैरिफ की धमकियों ने वैश्विक व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। हालांकि बैठक में ट्रंप का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया लेकिन चर्चा के दौरान वैश्विक अस्थिरता और चुनौतीपूर्ण समय का जिक्र बार-बार आया।

स्टार्मर ने शी से कहा कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करना दोनों देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, शी जिनपिंग ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 'प्रमुख शक्तियों' को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए वरना दुनिया फिर से जंगल राज की ओर लौट जाएगी।

चीन-ब्रिटेन के बीच किन मुद्दों पर लगी मुहर?

लगभग 80 मिनट तक चली इस अहम बैठक में आर्थिक और वीजा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए जिससे व्यापार और कूटनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। इसके तहत अब ब्रिटेन के पर्यटक और कारोबारी यात्री बिना वीजा के 30 दिनों तक चीन में रह सकेंगे। साथ ही, ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर लगने वाले चीनी शुल्क में कटौती पर सहमति बनी जिससे ब्रिटेन के निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एस्ट्राजेनेका ने भी वर्ष 2030 तक चीन में 15 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की है। इसके अलावा, दोनों देशों ने अवैध प्रवासन पर रोक लगाने के लिए आपसी सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी विचार-विमर्श किया।

सुरक्षा और मानवाधिकारों की चुनौती

रिश्तों में सुधार के बावजूद, सुरक्षा और मानवाधिकारों के मुद्दे पर मतभेद बरकरार हैं। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों पर कार्रवाई और ब्रिटिश नागरिक जिमी लाई के मानवाधिकारों का मुद्दा उठाया। चीन और ब्रिटेन के रिश्तों में पिछले वर्षों में जासूसी के आरोपों और रूस-यूक्रेन युद्ध में चीन के रुख के कारण काफी खटास आई थी। स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करते हुए आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

ब्रिटेन की बदलती विदेश नीति

प्रधानमंत्री  स्टार्मर का मानना है कि ब्रिटेन को फिर से बाहरी दुनिया की ओर रुख करना होगा, क्योंकि विदेशी घटनाओं का सीधा असर घरेलू बाजार और कीमतों पर पड़ता है। ब्रिटेन से पहले दक्षिण कोरिया, कनाडा और फिनलैंड के नेता भी हाल ही में बीजिंग का दौरा कर चुके हैं जो यह दर्शाता है कि ट्रंप युग की व्यापारिक चुनौतियों के बीच पश्चिमी देश चीन के साथ नए समीकरण तलाश रहे हैं।

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