शेख हसीना के इंटरव्यू पर बवाल, बांग्लादेश ने भारतीय राजदूत को ढाका में अचानक किया तलब

Sheikh Hasina Interview: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए इंटरव्यू ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को नाराज कर दिया है। ढाका ने इसे गंभीर कूटनीतिक मुद्दा मानते...
Bangladesh suddenly summons Indian ambassador to Dhaka after Sheikh Hasina's interview sparks uproar
शेख हसीना, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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Bangladesh Summons Indian Diplomat:  बांग्लादेश और भारत के बीच कूटनीतिक खिंचाव उस वक्त गहरा गया जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हालिया इंटरव्यू पर ढाका ने कड़ी नाराजगी जताई। अंतरिम सरकार की ओर से भारतीय मीडिया को दिए गए इस इंटरव्यू को लेकर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई और ढाका में भारतीय उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किया।

बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, मंत्रालय ने यह कदम देश की आंतरिक राजनीतिक स्थिति पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को देखते हुए उठाया।

देश की स्थिति को भड़का हसीना का इंटरव्यू

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारतीय राजनयिक को साफ तौर पर बताया गया कि बांग्लादेश पूर्व पीएम शेख हसीना की मीडिया एक्सेस रोकने के लिए पहले भी अनुरोध कर चुका है। राजनयिक सूत्रों के हवाले से कहा गया कि भारत को इस संदेश से अवगत कराना बेहद जरूरी था, क्योंकि हसीना के इंटरव्यू देश की स्थिति को भड़का सकते हैं। हाल ही में एएफपी, रॉयटर्स और द इंडिपेंडेंट (यूके) जैसी बड़ी वैश्विक एजेंसियों ने भी शेख हसीना का इंटरव्यू किया था। इन बातचीतों में हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और राजनीतिक अस्थिरता के लिए उसे जिम्मेदार बताया।

कई गंभीर मामलों में केस दर्ज

बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए तख्तापलट के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। तख्तापलट के दौरान भारी हिंसा हुई, जिसके बाद 5 अगस्त को शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा। वह तब से भारत में निवास कर रही हैं। इस दौरान उन पर अपराध, नरसंहार और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े कई गंभीर मामलों में केस दर्ज किए गए।

इसी पृष्ठभूमि में इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल-1 ने पिछले साल हुए विद्रोह के दौरान कथित मानवता-विरोधी अपराधों के मामलों में हसीना और दो अन्य के खिलाफ सजा सुनाने की तारीख तय कर दी है। जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मजूमदार, जस्टिस मोहम्मद शफीउल आलम महमूद और जस्टिस मोहम्मद मोहितुल हक इनाम चौधरी की तीन सदस्यीय बेंच 17 नवंबर को अपना फैसला सुनाएगी।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का मानना है कि शेख हसीना द्वारा दिए जा रहे लगातार इंटरव्यू देश में अशांति और राजनीतिक टकराव पैदा कर सकते हैं। वहीं भारत इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। कूटनीतिक हलकों में इसे एक संवेदनशील मामला माना जा रहा है, जिसका प्रभाव आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्तों पर दिख सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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