भारत के साथ कैसे होंगे रिश्ते! चुनाव जीतने के बाद तारिक रहमान ने दिया बयान, क्या शेख 'हसीना' पर फंसेगा पेंच?

India Bangladesh Relations: बांग्लादेश चुनाव में BNP की ऐतिहासिक जीत के बाद तारिक रहमान ने भारत को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि नई विदेश नीति 'जनता के हितों' पर आधारित होगी।
How will relations with India develop? Tarique Rahman breaks silence for the first time since winning the election, raising eyebrows over Hasina.
तारिक रहमान, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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Tarique Rahman India Policy: बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की दो-तिहाई बहुमत से शानदार जीत के बाद पार्टी प्रमुख तारिक रहमान ने पहली बार मीडिया के सामने अपनी विदेश नीति खासकर भारत के साथ संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद सत्ता की दहलीज पर खड़े तारिक रहमान ने साफ कर दिया है कि उनके देश के हित ही सबसे ऊपर रहेंगे।

'जनता का हित' सबसे ऊपर

जीत के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब तारिक रहमान से भारत के साथ भविष्य के संबंधों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि  बांग्लादेश और उसके लोगों के हित ही ढाका की नई विदेश नीति को तय करेंगे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार नागरिकों के भले और राष्ट्रीय हितों के आधार पर ही दूसरे देशों से रिश्ते तय करेगी। उनके करीबी सहयोगी हुमांयू कबीर ने संकेत दिया कि नई सरकार भारत के साथ 'जन-से-जन' संबंधों को मजबूत करना चाहती है।

शेख हसीना का प्रत्यर्पण

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के बीच सबसे बड़ा कांटा शेख हसीना का मुद्दा बन सकता है। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना वर्तमान में भारत में निर्वासित जीवन बिता रही हैं। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी भारत से औपचारिक रूप से अनुरोध करेगी कि हसीना को बांग्लादेश प्रत्यर्पित किया जाए ताकि वे वहां चल रहे मुकदमों का सामना कर सकें। चूंकि हसीना के कार्यकाल में ही तारिक रहमान को 17 साल विदेश में रहना पड़ा था इसलिए यह मुद्दा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव का कारण बन सकता है।

बिखरी अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था

इस समय जो बांग्लादेश की हालत है उसके अनुसार, तारिक रहमान के लिए सत्ता की राह आसान नहीं होगी। पिछले 18 महीनों में बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति और कानून-व्यवस्था में भारी गिरावट आई है। इसके अलावा, यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान भारत के साथ रिश्तों में आई तल्खी और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर हुए अत्याचारों को लेकर भारत की कड़ी आलोचना भी एक बड़ी चुनौती है। रहमान ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही भारत सहित क्षेत्र के अन्य देशों की यात्रा कर सकते हैं।

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