रूस का यूक्रेन पर अब तक का सबसे भीषण हमला: 650 ड्रोन और 30 मिसाइलों से 13 इलाकों में तबाही

Ukraine Energy Strike: क्रिसमस से पहले रूस ने यूक्रेन पर 650 से अधिक ड्रोन और 30 मिसाइलों से हमला किया। जेलेंस्की ने इसे पुतिन की ओर से युद्ध जारी रखने और शांति वार्ता को कमजोर करने का संकेत बताया।
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यूक्रेन पर रूस ने किया भीषण वार (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Zelensky Peace Progress Update: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने क्रिसमस के त्यौहार से ठीक पहले एक नया और भयावह मोड़ ले लिया है। रूस ने मंगलवार (23 दिसंबर 2025) को यूक्रेन के 13 क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में 650 से अधिक ड्रोन और करीब 30 मिसाइलों का उपयोग किया गया, जिससे यूक्रेन का ऊर्जा ढांचा बुरी तरह चरमरा गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे शांति प्रयासों पर रूस की ओर से किया गया सीधा प्रहार बताया है।

क्रिसमस से पहले अंधेरे में डूबा यूक्रेन

रूसी हमलों का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के ऊर्जा ग्रिड और बिजली स्टेशनों को नष्ट करना था। भीषण सर्दी के बीच 13 अलग-अलग इलाकों में बिजली गुल हो गई है, जिससे लाखों लोग बिना गर्मी और पानी के रहने को मजबूर हैं। जेलेंस्की ने बताया कि यह हमला जानबूझकर त्यौहारों के समय किया गया ताकि यूक्रेनी नागरिकों का मनोबल तोड़ा जा सके। हमलों में एक चार वर्षीय बच्चे सहित तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

शांति वार्ता के बीच पुतिन का 'युद्ध संदेश'

यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका के नेतृत्व में शांति समझौते के शुरुआती मसौदे पर प्रगति की खबरें आ रही थीं। जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका का 20-सूत्रीय शांति प्लान कीव की कई मांगों को पूरा करता है। हालांकि, इस नए हमले ने रूसी मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेलेंस्की के अनुसार, पुतिन शांति नहीं चाहते और यह बमबारी इस बात का प्रमाण है कि रूस हत्याएं बंद करने के लिए तैयार नहीं है।

यूक्रेन का पलटवार, रूसी तेल टर्मिनल पर निशाना

रूसी हमले से ठीक पहले यूक्रेन ने भी अपनी रक्षात्मक आक्रामकता दिखाई थी। यूक्रेनी सेना ने रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित तामननेफ़्टेगाज (Tamanneftegaz) तेल टर्मिनल को निशाना बनाया।

इस हमले में रूसी तेल पाइपलाइन, दो खड़े लड़ाकू विमानों और दो जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा। यूक्रेन का उद्देश्य रूस के 'शैडो फ्लीट' और युद्ध के लिए फंडिंग करने वाले ऊर्जा क्षेत्र को कमजोर करना है।

भविष्य की राह और वैश्विक दबाव

यूक्रेनी अधिकारियों ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे रूस पर दबाव और बढ़ाएं। जेलेंस्की ने कहा कि शांति वार्ता में 'ठोस प्रगति' के बावजूद, जमीनी हकीकत तब तक नहीं बदलेगी जब तक यूक्रेन को पर्याप्त वायु रक्षा प्रणालियां (Air Defense) नहीं मिलतीं। पुतिन की रणनीति फिलहाल बातचीत की मेज पर खुद को सैन्य रूप से मजबूत दिखाने की है, जबकि यूक्रेन अपनी संप्रभुता से समझौता न करने की जिद पर अड़ा है।

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