इधर दिल्ली पहुंचे पुतिन...उधर यूक्रेनी अधिकारियों ने US में जमाया डेरा, ट्रंप के मंत्री से खास बैठक

Russia Ukraine War: पुतिन ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया कि यूक्रेन यदि युद्ध रोकना चाहता है तो उसे डोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों को रूस के नियंत्रण में सौंपना ही होगा।
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यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ukraine officials in US: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की भारत यात्रा पर पहुंचे हैं। इसी समय, यूक्रेन का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए अमेरिका पहुँचा है। फ्लोरिडा के मियामी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जारेड कुशनर यूक्रेनी दल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में अमेरिकी नेता अपने हालिया मॉस्को दौरे की जानकारी साझा करेगें और यूक्रेनी अधिकारियों को रूसी शर्तों की जानकारी देंगें। 

रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने अमेरिका से स्पष्ट कहा है कि यूक्रेन अगर युद्ध विराम चाहता है तो उसे डोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों को रूस को सौंपना होगा। रूस पहले ही इन दोनों इलाकों के बड़े हिस्सों पर कब्जा जमा चुका है और उसकी सेनाएँ लगातार आगे बढ़ रही हैं। यही वजह है कि अमेरिका भी अब यूक्रेन पर दबाव बना रहा है कि वह इन दो क्षेत्रों को छोड़कर बाकी देश को और बर्बादी से बचाए।

रूस-अमेरिका शांति समझौते के लिए सहमत

पुतिन से हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह बैठक बेहद सकारात्मक रही। उनके मुताबिक पुतिन मजबूत स्थिति में हैं और यूक्रेन के पास अब कोई बड़ा दांव नहीं बचा है। इसलिए, राष्ट्रपति जेलेंस्की को समझौते की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि उनके प्रतिनिधियों की पुतिन से चर्चा बेहद सफल रही और अब वे आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यह युद्ध शुरू ही नहीं होना चाहिए था और पहले भी उन्होंने जेलेंस्की को समझाया था कि उनकी स्थिति कमजोर हो चुकी है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि जब पहले समझौते का समय सबसे उपयुक्त था, तब यूक्रेन ने उसे स्वीकार नहीं किया। अब हालात और बिगड़ चुके हैं, पर उनकी टीम खासकर जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की पुतिन के साथ बातचीत बहुत रचनात्मक रही है। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार किया कि इस बैठक का नतीजा क्या रहा, लेकिन दावा किया कि यूक्रेन के साथ एक संतोषजनक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिस पर विचार जारी है।

कई बार मध्यस्थता की कोशिश

रूस-यूक्रेन युद्ध काफी लंबे समय से जारी है। राष्ट्रपति ट्रंप कई बार मध्यस्थता की कोशिश कर चुके हैं, पर सफलता नहीं मिली। भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने भी पिछले वर्ष पुतिन के साथ कई बार बातचीत की थी और कहा था कि युद्ध किसी समाधान का मार्ग नहीं है। जेलेंस्की भी मोदी से मिल चुके हैं और मानते हैं कि भारत इस संघर्ष को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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