

Canadian PM Mark Carney Arrives In Mumbai : भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से जारी राजनयिक तनाव के बीच एक बड़ी और सकारात्मक हलचल देखने को मिल रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पहुंचे, जिससे उनके चार दिवसीय महत्वपूर्ण भारत दौरे का आधिकारिक आगाज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से पटरी पर लाने और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का विमान मुंबई उतरने के बाद वे सीधे प्रतिष्ठित ताज महल पैलेस होटल पहुंचे। अपनी यात्रा के पहले दो दिनों के दौरान कार्नी का पूरा ध्यान आर्थिक तालमेल और व्यावसायिक संबंधों को प्रगाढ़ करने पर केंद्रित है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, वह मुंबई में भारत के बड़े उद्योगपतियों, वित्तीय विशेषज्ञों और विशेष रूप से कनाडाई पेंशन फंड के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई से यात्रा की शुरुआत करना यह दर्शाता है कि कनाडा भारत के साथ व्यापारिक और निवेश के मोर्चे पर एक मजबूत आधार तैयार करना चाहता है।
मुंबई में व्यापारिक जगत की हस्तियों से परामर्श करने और निवेश के माहौल को समझने के बाद, मार्क कार्नी 1 मार्च को देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 2 मार्च को होगा, जब कार्नी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में न केवल द्विपक्षीय व्यापार, बल्कि हालिया राजनयिक चुनौतियों और भविष्य के रणनीतिक रोडमैप पर भी विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।
कनाडा लौटने से पहले, मार्क कार्नी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही, वह दिल्ली में आयोजित होने वाले भारत-कनाडा सीईओ फोरम को भी संबोधित करेंगे, जो दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेतृत्व को एक साझा मंच प्रदान करेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कार्नी की यह 27 फरवरी से 2 मार्च तक चलने वाली यात्रा भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों को पुनर्जीवित करने के ठोस प्रयासों का एक स्पष्ट संकेत है।
यह मिशन न केवल आर्थिक साझेदारी को नई ऊर्जा देने का काम करेगा, बल्कि कनाडाई निवेश और भारतीय बाजार के बीच एक सेतु का निर्माण भी करेगा। पूरी दुनिया की नजरें अब 2 मार्च को होने वाली मोदी-कार्नी वार्ता पर टिकी हैं, जो भविष्य की दिशा तय करेगी।