
बलूच लड़ाकों ने जाफर एक्सप्रेस को IED विस्फोट से उड़ाया (सोर्स-सोशल मीडिया)
Baloch Republican Guards Attack Train: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया है जिससे वहां दहशत का माहौल बना हुआ है। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने ट्रेन पर हमला किया इस घटना में रेलवे ट्रैक को शक्तिशाली IED के जरिए उड़ा दिया गया है। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है और बलूचिस्तान की आजादी तक युद्ध जारी रखने की बात कही है। इस भीषण विस्फोट की वजह से क्वेटा से रावलपिंडी जा रही ट्रेन के कई डिब्बे अचानक पटरी से नीचे उतर गए हैं।
सिंध के शिकारपुर इलाके के पास रेलवे ट्रैक पर एक जोरदार विस्फोट हुआ जिससे पूरी जाफर एक्सप्रेस के यात्री सहम गए। इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रेन की तीन बोगियां तुरंत पटरी से उतर गईं और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने 26 जनवरी 2026 को बयान जारी कर इस हमले को अपने लड़ाकों की बड़ी सफलता करार दिया है।
हमलावरों ने शिकारपुर और जैकबबाद के बीच स्थित सुल्तान कोट कस्बे में IED लगाकर उसे रिमोट कंट्रोल से विस्फोटित कर दिया। ट्रेन को उस सटीक समय पर निशाना बनाया गया जब उसमें पाकिस्तानी सेना के जवान बड़ी संख्या में यात्रा कर रहे थे। BRG का दावा है कि इस हमले में कई पाक सेना के जवान मारे गए हैं और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
पिछले एक साल के दौरान जाफर एक्सप्रेस को बलूच लड़ाकों द्वारा कई बार अलग-अलग मौकों पर निशाना बनाया जा चुका है। इस सिलसिले की शुरुआत 11 मार्च 2025 को हुई थी जब बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पहली बार इस ट्रेन पर हमला किया था। उसके बाद से जून, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में भी इस ट्रेन को विस्फोटों का सामना करना पड़ा है।
सितंबर 2025 में मस्तुंग के पास हुए एक धमाके में महिलाओं और बच्चों सहित कुल 12 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। उस समय ट्रेन में करीब 270 यात्री सवार थे जब 10 घंटे के भीतर उसी इलाके में दूसरा बम विस्फोट हुआ था। दिसंबर में भी एक हमला हुआ था लेकिन ट्रेन के समय से पहले गुजर जाने के कारण यात्रियों की जान बच गई थी।
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बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने स्पष्ट किया है कि वे बलूचिस्तान की पूर्ण आजादी के लिए अपने इस अभियान को और भी तेज करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तानी सेना के संसाधनों और उनके जवानों को अधिक से अधिक जानमाल का नुकसान पहुंचाना बताया गया है। स्थानीय प्रशासन अब इस पूरे रेल मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रहा है ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगे।






