- Hindi News »
- World »
- Trump Waives Jones Act Iran War Fuel Prices Crisis
क्या है 100 साल पुराना ‘जोन्स एक्ट’ जिसे ट्रंप ने किया सस्पेंड? जानें ईरान युद्ध के बीच क्यों पड़ी इसकी जरूरत
US Iran War: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 100 साल पुराने शिपिंग कानून 'जोन्स एक्ट' को 60 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय

ट्रंप ने सस्पेंड किया 'जोन्स एक्ट', फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Waives Jones Act: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। इस संकट की घड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू स्तर पर ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने एक सदी पुराने शिपिंग कानून, ‘जोन्स एक्ट’ को 60 दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य अमेरिका के भीतर तेल, गैस और अन्य वस्तुओं के परिवहन की लागत को कम करना और आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करना है।
क्या है 100 साल पुराना ‘जोन्स एक्ट’?
औपचारिक रूप से ‘मर्चेंट मरीन एक्ट 1920’ के रूप में जाने जाने वाले इस कानून को प्रथम विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी शिपिंग उद्योग को फिर से खड़ा करने के लिए बनाया गया था। वाशिंगटन राज्य के सीनेटर वेस्ली जोन्स द्वारा प्रायोजित यह कानून अनिवार्य करता है कि अमेरिकी बंदरगाहों के बीच माल या यात्रियों का परिवहन करने वाला कोई भी जहाज अमेरिका में निर्मित होना चाहिए, अमेरिकी नागरिकों के स्वामित्व में होना चाहिए और मुख्य रूप से अमेरिकियों द्वारा ही संचालित होना चाहिए। यह कानून विदेशी झंडे वाले जहाजों को घरेलू समुद्री व्यापार में भाग लेने से रोकता है। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को देखते हुए इस कानून में अस्थायी छूट दी जा सकती है।
ईरान युद्ध और तेल बाजार में हाहाकार
युद्ध की शुरुआत के बाद से तेल बाजार में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। दुनिया के प्रमुख तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य‘ में जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है, जिससे मध्य पूर्व के बड़े उत्पादकों से होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड, जो युद्ध से पहले $70 प्रति बैरल के आसपास था अब $109 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। अमेरिका में भी पेट्रोल की औसत कीमत 25 प्रतिशत से अधिक बढ़कर $3.84 प्रति गैलन हो गई है।
सम्बंधित ख़बरें
बगराम धमाके से दहल उठा अफगानिस्तान, बिना फटे बमों ने ली युवक जान; अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बच्चे
समझौता करो या फिर भीषण बमबारी को रहो तैयार, प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगी रोक के बाद, ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
अब्बास अराघची पहुंचे बीजिंग, ट्रंप-जिनपिंग के मुलाकात से पहले चीन-ईरान की हुई मीटिंग, आखिर क्या चल रहा?
बधाई तो ठीक है, लेकिन तेल संकट और विश्व शांति पर काम करें ट्रंप, आनंद दुबे का माेदी व ट्रंप पर तंज
संसाधनों की मुक्त आवाजाही
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, जोन्स एक्ट में यह छूट ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ के लक्ष्यों को पूरा करने और बाजार में आए व्यवधानों को कम करने के लिए दी गई है। अगले 60 दिनों तक विदेशी झंडे वाले जहाज अमेरिकी बंदरगाहों के बीच तेल, प्राकृतिक गैस, कोयला और उर्वरक जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों का परिवहन कर सकेंगे। चूंकि वर्तमान में वसंत ऋतु की बुवाई का सीजन चल रहा है, इसलिए उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
क्या जनता को मिलेगी राहत?
हालांकि सरकार का दावा है कि इससे परिवहन लागत कम होगी लेकिन विशेषज्ञ इस पर बंटे हुए हैं। गैसबडी के पेट्रोलियम विश्लेषण प्रमुख पैट्रिक डी हान का मानना है कि इस छूट से रसद व्यवस्था तो आसान होगी लेकिन पेट्रोल पंपों पर कीमतों में कोई बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी। उनके अनुसार, इससे कीमतों में केवल 3 से 10 सेंट प्रति गैलन तक की राहत मिल सकती है, जो मौजूदा बढ़ोतरी के मुकाबले बहुत कम है।
यह भी पढ़ें:- ईरान के खिलाफ US की नई चाल! ट्रंप भेजेंगे हजारों अमेरिकी सैनिक, क्या अब शुरू होगा जमीनी हमला?
दूसरी ओर, अमेरिकी शिपिंग यूनियनों ने इस फैसले पर चिंता जताई है, उनका मानना है कि इससे अमेरिकी श्रमिकों और कंपनियों के हितों को नुकसान पहुंच सकता है। अमेरिकी सरकार कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अन्य उपाय भी कर रही है, जिसमें रूस और वेनेजुएला पर प्रतिबंधों में ढील देना और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करना शामिल है।
Trump waives jones act iran war fuel prices crisis
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Apple पर बड़ा झटका, iPhone खरीदा फीचर्स नहीं मिले, अब यूजर्स को मिलेगा हर्जाना, जानिए कितना पैसा लौटाएगी कंपनी
May 07, 2026 | 03:39 AMAaj Ka Rashifal 7 May 2026: गुरुवार को इन 3 राशियों की खुलेगी किस्मत, वहीं 2 राशियों को रहना होगा सावधान!
May 07, 2026 | 12:05 AMबगराम धमाके से दहल उठा अफगानिस्तान, बिना फटे बमों ने ली युवक जान; अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बच्चे
May 06, 2026 | 11:00 PMअचानक DP बदलने जा रहे हैं बीजेपी नेता… ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर जानें क्या है प्लान
May 06, 2026 | 10:39 PM7 मई से शुरू हो रही एमपी बोर्ड की द्वितीय परीक्षा को लेकर सीएम मोहन यादव ने दिया संदेश, जानें क्या कहा
May 06, 2026 | 10:34 PMछह महीने में 2 मुख्यमंत्री, कैसे होगा बिहार का विकास? कैबिनेट विस्तार से पहले तेजस्वी का सम्राट चौधरी पर तंज
May 06, 2026 | 10:32 PMमहाकुंभ की तर्ज पर सजेगी अवंतिका! सिंहस्थ के लिए बनेगा संयुक्त कंट्रोल रूम; 3100 हेक्टेयर का होगा मेला क्षेत्र
May 06, 2026 | 10:19 PMवीडियो गैलरी

जबलपुर के सबसे बड़े फ्लाईओवर से गिरा कंक्रीट, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ VIDEO तो जागा PWD
May 06, 2026 | 02:25 PM
100 सीटों पर जबरदस्ती दिलाई जीत…उज्जैन से पप्पू यादव ने चुनाव आयोग पर लगया गंभीर आरोप, देखें VIDEO
May 06, 2026 | 01:37 PM
चुनाव हारी नहीं हूं, जबरन हराया गया है…EC और BJP पर ममता ने लगाए गंभीर आरोप, देखें VIDEO
May 06, 2026 | 01:08 PM
TMC के गुंडे अब पंचर बनाएंगे… बंगाल फतह के बाद सीएम योगी बड़ा बयान, देखें VIDEO
May 05, 2026 | 12:09 PM
ममता बनर्जी के ‘वोट टैंपरिंग’ वाले दावे पर AIMIM प्रवक्ता का बड़ा बयान, विपक्ष को दी आत्म-मंथन की सलाह
May 05, 2026 | 11:52 AM
बंगाल जीत के बाद भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय, बोले- मुझ पर बलात्कार, बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर लगाए गए
May 04, 2026 | 04:59 PM













