मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम का बड़ा एक्शन, 1330 किलो 'हाइड्रोपोनिक वीड' जब्त, 244 मामलों में 286 गिरफ्तार

Mumbai News: मुंबई कस्टम्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
Hydroponic Weed Seized In Mumbai Airport
हाइड्रोपोनिक वीड जब्त (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Hydroponic Weed Seized In Mumbai Airport: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर मुंबई कस्टम्स जोन-III ने तस्करी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए नशीले पदार्थों के काले कारोबार पर कड़ी चोट की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान सीमा शुल्क विभाग ने रिकॉर्ड 1,330 किलोग्राम से अधिक 'हाइड्रोपोनिक वीड' जब्त की है।

244 मामलों में 286 तस्कर गिरफ्तार

कस्टम विभाग की एयरपोर्ट कमिश्नरेट टीम ने इस साल कुल 244 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें न केवल ड्रग्स बल्कि सोना, विदेशी मुद्रा और हीरे भी शामिल हैं। इन कार्रवाइयों के तहत अब तक 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए तस्करों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं जो अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के लिए 'कूरियर' के रूप में काम कर रहे थे।

थाईलैंड और बैंकॉक बने तस्करी के नए केंद्र

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अधिकांश नशीले पदार्थों की खेप थाईलैंड, विशेषकर बैंकॉक से भारत लाई जा रही थी। तस्करों ने ड्रग्स छिपाने के लिए अनोखे तरीके अपनाए थे। वैक्यूम-सील्ड पैकेट, ट्रॉली बैग के गुप्त खाने, चॉकलेट के डिब्बे और यहां तक कि खाने-पीने की वस्तुओं के बीच नशीले पदार्थों को छिपाकर लाया गया था।

क्या है हाइड्रोपोनिक वीड?

हाइड्रोपोनिक वीड सामान्य गांजे का एक बेहद आधुनिक और महंगा रूप है। इसे मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरपूर पानी (Water-based solution) में वैज्ञानिक तरीके से उगाया जाता है। इसमें THC (Tetrahydrocannabinol) की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिस कारण इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी ज्यादा होती है। मुंबई कस्टम्स ने इस साल जो 1330 किलो वीड पकड़ी है, उसकी बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।

कस्टम्स की कड़ी निगरानी

मुंबई कस्टम्स जोन-III के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता 'एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम' (APIS) प्रोफाइलिंग और इंटेलिजेंस इनपुट के सटीक इस्तेमाल से मिली है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नार्कोटिक्स कंट्रोल के लिए एयरपोर्ट पर जांच और भी सख्त कर दी गई है। न केवल ड्रग्स, बल्कि सोने की तस्करी को रोकने के लिए भी बॉडी स्कैनर्स और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है।

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