दूसरा पहलगाम करने की तैयारी में मुनीर! 1,000 आतंकियों को दे रहा ट्रेनिंग, खुफिया रिपोर्ट से हड़कंप

Pakistan News: पाकिस्तानी सेना आईएसकेपी आतंकवादियों को हथियार और कमांडर प्रशिक्षण दे रही है, अफगान तालिबान पर हमले और जम्मू-कश्मीर में गतिविधियां बढ़ाने के लिए चार ट्रेनिंग शिविर बनाए हैं।
दूसरा पहलगाम करने की तैयारी में मुनीर! 1,000 आतंकियों को दे रहा ट्रेनिंग, खुफिया रिपोर्ट से हड़कंप
सांकेतिक तस्वीर
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Pakistan Army Training Islamic State Terrorists: पाकिस्तान की सेना इस्लामिक स्टेट (IS) के आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर रही है। केवल हथियार ही नहीं, बल्कि आतंकवादी कमांडरों को विशेष प्रशिक्षण भी पाकिस्तानी सेना द्वारा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ आईएसआई आतंकियों का इस्तेमाल करना है।

पाकिस्तान ने इस मकसद के लिए चार ट्रेनिंग शिविर स्थापित किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि धीरे-धीरे इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISKP) के कुछ आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर की ओर भेजा जा सकता है। अफगान तालिबान के साथ डूरंड रेखा को लेकर तनाव बढ़ने के बाद, पाकिस्तान और आईएसकेपी के बीच नजदीकी बढ़ी है। इसी के चलते पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले भी किए हैं, जिसका तालिबान ने कड़ा विरोध किया।

1,000 से अधिक आतंकवादियों को ट्रेनिंग

हाल के महीनों में पाकिस्तान में खास तौर पर आईएसकेपी आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने के लिए शिविरों की संख्या बढ़ाई गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईएसआई अफगान तालिबान पर हमले के लिए 1,000 से अधिक आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने की योजना बना रहा है। आतंकवादियों को अलग-अलग प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें जमीन पर लड़ाई, आत्मघाती हमले और विशेष रणनीतियों की ट्रेनिंग शामिल है। इसमें कई वर्तमान और पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। आईएसकेपी, तालिबान के साथ संघर्षरत है और इसका उद्देश्य अफगानिस्तान में तालिबान शासन को उखाड़ फेंकना है। कई आईएसकेपी सदस्य अफगानिस्तान से पाकिस्तान लाए जा रहे हैं और बलूचिस्तान तथा खैबर पख्तूनख्वा के कबायली इलाकों में स्थित शिविरों में भेजे जा रहे हैं। अफगान सुरक्षा अधिकारियों ने हाल ही में मोहम्मद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने बताया कि उसने पाकिस्तान के क्वेटा में युद्ध प्रशिक्षण लिया था।

जम्मू-कश्मीर में बढ़ सकते हैं आतंकी हमले

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल आईएसकेपी का फोकस अफगानिस्तान पर है, लेकिन भविष्य में इसका असर पूरे क्षेत्र, खासकर भारत पर भी पड़ सकता है। आईएसकेपी ने जम्मू-कश्मीर में तनाव बढ़ाने में रुचि दिखाई है और पाकिस्तान धीरे-धीरे आतंकियों को घाटी भेज सकता है।

आईएसआई का मानना है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के अलावा एक और समूह होने से उनकी रणनीति और मजबूत होगी। अटकलें हैं कि आईएसकेपी सीमा के पास भारतीय युवाओं को प्रभावित कर पाकिस्तान में प्रशिक्षण के लिए भेज सकता है।

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