अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर झूठ फैला रहा पाकिस्तान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan World Second Largest Economy Fact Check: भारत ने हाल ही में जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और वहां के शासक सकते में हैं। लेकिन इस सफलता के साथ ही सोशल मीडिया पर पाकिस्तान ने फेक न्यूज फैलाने की कोशिश भी की है।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स ने दावा किया कि 2075 तक पाकिस्तान, अमेरिका और भारत को पछाड़कर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसके लिए उन्होंने गोल्डमैन सैक्स की एक फर्जी रिपोर्ट का हवाला दिया। लेकिन क्या यह सच था?
फैक्ट चेक वेबसाइट D-Intent Data ने पाकिस्तान के इस दावे की पोल खोल दी। रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डमैन सैक्स की असली रिपोर्ट में बताया गया है कि 2075 तक चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। भारत, 52.5 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर रहेगा, जबकि पाकिस्तान सिर्फ 12 ट्रिलियन डॉलर के साथ छठे स्थान पर होगा।
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ANALYSIS: Fake FACT: Pakistani propaganda accounts are circulating false claims alleging that Goldman Sachs projected Pakistan to become the world’s second-largest economy at $52.5 trillion by 2075, behind China at $57 trillion, while India would rank 30th with a GDP (1/4) pic.twitter.com/etaAOIuCjC — D-Intent Data (@dintentdata) January 1, 2026
D-Intent ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान के ये दावे भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए थे। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था से बौखलाए पाकिस्तानियों ने गोल्डमैन सैक्स की एक फर्जी रिपोर्ट का सहारा लिया था। भारतीय अर्थव्यवस्था की तेजी में निजी क्षेत्र की अहम भूमिका है, जो लगातार विकास को समर्थन दे रहा है। इसके साथ ही, सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों के साथ व्यापारिक समझौते कर रही है। 2025 में भारत ने यूके, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) भी किया है।
भारत ने 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया है। अगले 2-3 वर्षों में भारत जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। 2030 तक, भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखता है। भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ रही है। सरकार के मजबूत सुधार, घरेलू मांग में वृद्धि और कच्चे तेल की कम कीमतों से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है।
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इसके अलावा, सरकार के द्वारा किए जा रहे व्यापारिक समझौतों और निर्यात के बढ़ने से भी वृद्धि को समर्थन मिल रहा है। भारत की आर्थिक यात्रा की गति इस बात को दर्शाती है कि 2047 तक, भारत अपनी आजादी के सौवें साल तक एक उच्च मध्यम-आय वाला देश बनने की दिशा में है।