शेख हसीना, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Bangladesh News In Hindi: बांग्लादेश के आम चुनाव 2026 में ऐतिहासिक और प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। चुनाव परिणामों में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के तुरंत बाद, बीएनपी ने एक बार फिर भारत के सामने अपनी सबसे पुरानी और बड़ी मांग दोहरा दी है।
बीएनपी ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से आग्रह किया है कि वे अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को जल्द से जल्द बांग्लादेश प्रत्यर्पित करें ताकि वहां की अदालतों में उनके खिलाफ लंबित मामलों पर मुकदमा चलाया जा सके।
पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट किया है कि बीएनपी इस मांग पर अडिग है। अहमद के अनुसार, बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय पहले ही प्रत्यर्पण का मुद्दा उठा चुका है और बीएनपी इसका पूर्ण समर्थन करती है। पार्टी का मानना है कि शेख हसीना को कानून के अनुसार मुकदमे का सामना करना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि बीएनपी भारत सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ समानता के आधार पर अच्छे संबंध चाहती है लेकिन न्याय की प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। वह वर्तमान में राजधानी दिल्ली में किसी अज्ञात स्थान पर कड़ी सुरक्षा के बीच रह रही हैं। बांग्लादेश में एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन पर मानवता के खिलाफ अपराध का मामला चलाते हुए उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
दूसरी ओर, शेख हसीना ने हालिया चुनावी प्रक्रिया को ‘ढोंग’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ सभी मामले केवल राजनीतिक षड्यंत्र हैं। उनका कहना है कि वह बांग्लादेश लौटने को तैयार हैं लेकिन इसके लिए मोहम्मद यूनुस का इस्तीफा और एक निष्पक्ष न्यायपालिका अनिवार्य है।
बीएनपी की इस मांग ने नई दिल्ली के लिए एक बड़ी कूटनीतिक दुविधा पैदा कर दी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि प्रत्यर्पण के अनुरोध को कानून की प्रक्रियाओं पर परखा जा रहा है। हालांकि भारत ने तारिक रहमान को जीत पर बधाई दी है लेकिन हसीना का मुद्दा दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए एक कठिन परीक्षा साबित हो सकता है। भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि वह बांग्लादेश में शांति, स्थिरता और लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध है और सभी पक्षों के साथ बातचीत जारी रखेगा।
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हसीना भारत में रहते हुए भी अपने समर्थकों को बयानों के जरिए संबोधित कर रही हैं जिस पर अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने आपत्ति जताई थी। अब जब बीएनपी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौट रही है तो शेख हसीना की वापसी और उन पर चलने वाले मुकदमों का मुद्दा दक्षिण एशिया की राजनीति का केंद्र बन गया है।