
अमेरिका में छवि सुधारने के लिए पाकिस्तान ने फूंके करोड़ों डॉलर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Lobbying US: हाल ही में अमेरिका में सामने आए अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के दस्तावेजों ने पाकिस्तान की अमेरिका में लॉबिंग गतिविधियों को उजागर किया है। इन दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार और उससे जुड़े संगठनों ने अमेरिका में अपनी छवि सुधारने और नीति निर्माताओं को प्रभावित करने के लिए लाखों डॉलर खर्च किए हैं। रिपोर्ट में सैकड़ों-हजारों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट और पेमेंट्स की जानकारी दी गई है।
एक दस्तावेज के मुताबिक, इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अमेरिका में लॉबिंग और जननीति के लिए लगभग 9 लाख डॉलर खर्च किए। यह संस्थान पाकिस्तान के नेशनल सिक्योरिटी डिवीजन से जुड़ा हुआ है। क्या यह पाकिस्तान की विदेश नीति को मजबूत करने के प्रयास का हिस्सा है?
पाकिस्तान सरकार ने इस काम के लिए अमेरिकी कंपनी हाइपरफोकल कम्युनिकेशंस LLC को नियुक्त किया था, जो टीम ईगल कंसल्टिंग एलएलसी के तहत काम कर रही थी। दस्तावेजों के अनुसार इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों को बेहतर बनाना था। क्या इसने अमेरिकी कांग्रेस, कार्यपालिका, और मीडिया में अपनी पैठ बनाने की कोशिश की?
वाशिंगटन स्थित पाकिस्तान दूतावास ने 2025 में एर्विन ग्रेव्स स्ट्रैटेजी ग्रुप LLC के साथ समझौता किया, जिसमें शुरुआती तीन महीनों के लिए हर महीने 25 हजार डॉलर का भुगतान किया गया। क्या इसका उद्देश्य सिर्फ अमेरिकी संसद के सदस्यों और सरकारी अधिकारियों से संपर्क करना था, या इसका दायरा कुछ और था?
इस समझौते में क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास, और लोकतांत्रिक सुधारों पर चर्चा की गई। इसमें जम्मू और कश्मीर विवाद, भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी बात की गई। इसके अलावा, पाकिस्तान दूतावास ने मई में जनसंपर्क सेवाओं के लिए क़ॉर्विस होल्डिंग इंक को नियुक्त किया। क्या यह मीडिया आउटरीच और नैरेटिव डेवलपमेंट को बढ़ावा देने का एक प्रयास था?
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इन खुलासों के जरिए यह स्पष्ट हो रहा है कि पाकिस्तान अपनी रणनीतिक लॉबिंग गतिविधियों के जरिए अमेरिका में अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही इसके जरिए वो भारत और अमेरिका के रिश्ते कमजोर करने का प्रयास भी कर रहा है। हालांकि भारत में इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है, खासकर जम्मू और कश्मीर और भारत-पाकिस्तान संबंधों पर।






