- Hindi News »
- World »
- Nepal Gen Z Protest Investigation Ramesh Lekha Kp Sharma Oli
नेपाल में जेन-जी आंदोलन की जांच तेज, पूर्व गृह मंत्री तलब; केपी ओली पर भी लटकी पूछताछ की तलवार
Nepal Gen-Z Protests: नेपाल में जेन-जी आंदोलन की जांच कर रहा आयोग पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को तलब कर चुका है जबकि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को लेकर भी सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय

केपी शर्मा ओली, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Nepal News In Hindi: नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, मौतों और संपत्ति के भारी नुकसान की जांच कर रहा आयोग अब शीर्ष राजनीतिक नेताओं तक पहुंच गया है। आयोग ने पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को तलब करते हुए आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका पर बयान दर्ज कराने को कहा है।
इसके साथ ही संकेत दिए गए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं से भी पूछताछ हो सकती है जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का नाम प्रमुख है।
पूर्व गृह मंत्री भेजा गया को पत्र
मंगलवार को आयोग की ओर से पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पत्र भेजा गया जिसमें उन्हें आयोग के समक्ष पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। लेखक उस समय गृह मंत्री थे, जब 8 सितंबर को जेन-जी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। पुलिस फायरिंग में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद उन्होंने उसी दिन अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
सम्बंधित ख़बरें
क्रूज शिप पर हंतावायरस का खौफनाक हमला, कई देशों में फैला संक्रमण; अमेरिका-फ्रांस में मचा हड़कंप
Explainer: आखिर क्यों ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को Totally Unacceptable कहा? जानें विवाद के बड़े कारण
धमाके से कांपा पाकिस्तान! बलूचिस्तान के मस्तुंग वेयरहाउस में फटा LPG टैंकर, आग में 35 लोग बुरी तरह झुलसे
बांग्लादेश में खसरे का तांडव! अब तक 400 से ज्यादा मौतें, क्या यूनुस सरकार की इस चूक ने छीन ली मासूमों की जान?
77 लोगों की गई थी जान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जेन-जी आंदोलन के दौरान 77 लोगों की जान गई जबकि करीब 84.45 अरब नेपाली रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और बल प्रयोग को लेकर देश में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है।
आयोग के अध्यक्ष गौरी बहादुर कार्की ने बताया कि 8 और 9 सितंबर को हुई घटनाओं से जुड़े अधिकांश लोगों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब अंतिम चरण में पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, ओली को कब तलब किया जाएगा इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
आयोग पर पक्षपात का आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली लगातार आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है और साफ कहा है कि वह इसके सामने बयान दर्ज कराने नहीं जाएंगे। एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में ओली ने कहा कि आयोग ने पहले ही अपने निष्कर्ष तय कर लिए हैं ऐसे में बयान देने का कोई औचित्य नहीं बचता।
आपराधिक जवाबदेही तय करने की सिफारिश
इस बीच, सरकार ने 10 दिसंबर को जेन-जी आंदोलन से जुड़े विभिन्न गुटों के साथ एक अहम समझौता किया, जिसके तहत आयोग के कार्यक्षेत्र का विस्तार किया गया है। समझौते के अनुसार, आयोग आंदोलन के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग, मानवाधिकार उल्लंघन और गैर-न्यायिक हत्याओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा और आपराधिक जवाबदेही तय करने की सिफारिश करेगा।
जांच के आधार पर आयोग यह भी सिफारिश कर सकता है कि जिन लोगों पर गंभीर अपराध या संगठित हिंसा में शामिल होने के सबूत नहीं मिलते, उन्हें हिरासत से रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं।
राजनीतिक बदले की भावना
पुलिस द्वारा कई प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर जेन-जी गुटों ने विरोध जताया है। वहीं ओली और उनकी पार्टी सीपीएन-यूएमएल का आरोप है कि मौजूदा सरकार राजनीतिक बदले की भावना से उन्हें निशाना बना रही है जबकि तोड़फोड़ में शामिल अन्य लोगों को छोड़ा जा रहा है।
यह भी पढ़ें:- आखिरकार बिक गई PAK की राष्ट्रीय एयरलाइन, IMF दबाव से लेकर सेना की एंट्री तक, जानें क्या है मामला?
एक महीने के लिए बढ़ाए गए आयोग के कार्यकाल के दौरान गृह मंत्रालय, पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष के मुताबिक, वर्तमान पुलिस महानिरीक्षक और नेपाल सेना के अधिकारियों से भी पूछताछ पूरी हो चुकी है।
Nepal gen z protest investigation ramesh lekha kp sharma oli
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Fitkari:फिटकरी से दूर करें चेहरे की झाइयां होंगी, इस्तेमाल का तरीका सही हो, यहां जानिए
May 11, 2026 | 09:42 PMममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस गिरफ्तार, जानें ED ने किस मामले में की कार्रवाई
May 11, 2026 | 09:41 PMपर्यावरण की ओर बढ़ते कदम, 20,000 ई-बसों के लिए एसटी कॉर्पोरेशन तैयार, जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
May 11, 2026 | 09:40 PMPBKS vs DC: धर्मशाला में दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए बनाने होंगे 211 रन, आर्या-अय्यर ने खेली अर्धशतकीय पारी
May 11, 2026 | 09:26 PMपेंशन, सड़क और पढ़ाई के लिए खुला सरकारी खजाना, MP कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले; 29 हजार करोड़ से अधिक की दी सौगात
May 11, 2026 | 09:25 PMSecond Bada Mangal: साल 2026 का दूसरा ‘बड़ा मंगल’ 12 मई को, चुपचाप कर लें ये अचूक उपाय, होगा मंगल ही मंगल!
May 11, 2026 | 09:18 PMछत्रपति संभाजीनगर बनेगा ग्लोबल ऑटो हब, टोयोटा लगाएगी अत्याधुनिक SUV निर्माण संयंत्र
May 11, 2026 | 09:15 PMवीडियो गैलरी

‘नितेश राणे को पागलखाने भेजो…’, ओवैसी को आतंकवादी बताने पर भड़के वारिस पठान, देखें VIDEO
May 11, 2026 | 02:00 PM
मिडिल ईस्ट जंग का भारत पर असर; पीएम मोदी का लोगों से सोना न खरीदने और तेल कम खाने की अपील, VIDEO वायरल
May 11, 2026 | 01:05 PM
विजय कैबिनेट की 29 वर्षीय मंत्री ने मचाया तहलका, हिंदी बोलकर जीता उत्तर भारत का दिल, कौन हैं एस कीर्तना?
May 11, 2026 | 12:48 PM
PM मोदी के बेंगलुरु पहुंचने से पहले बड़ी साजिश नाकाम! कग्गलीपुरा में मिले विस्फोटक, मचा हड़कंप
May 11, 2026 | 12:11 PM
CM बनते ही विजय का मास्टरस्ट्रोक! 200 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं के लिए स्पेशल फोर्स का ऐलान
May 10, 2026 | 11:11 PM
पीठ पर छूरा घोंपना कांग्रेस का काम…बंगाल की जीत से गदगद हुए PM मोदी, बेंगलुरु में गिनाई भाजपा की उपलब्धियां
May 10, 2026 | 02:15 PM














