
नेपाल में भड़का सांप्रदायिक तनाव,फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Nepal Communal Violence News In Hindi: नेपाल में 2025 के जेनजी आंदोलन के बाद सत्ता परिवर्तन और प्रस्तावित आम चुनाव से पहले देश में राजनीतिक के साथ-साथ सांप्रदायिक माहौल भी तनावपूर्ण होता जा रहा है। इसी कड़ी में दक्षिणी नेपाल के धनुषा जिले में मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद यह विवाद सामने आया। पुलिस के अनुसार, टिकटॉक पर अपलोड किए गए एक वीडियो में दो मुस्लिम युवक हिंदू समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करते नजर आए। इस वीडियो से आक्रोशित होकर हिंदू समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने धनुषा जिले के धनुकमाला नगरपालिका-6 स्थित सखुवा मारन क्षेत्र में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की और कथित तौर पर कुरान की एक प्रति को आग के हवाले कर दिया।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। रविवार को नेपाल के औद्योगिक शहर बीरगंज समेत मधेश प्रांत के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए और नारेबाजी की, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परसा जिले के स्थानीय प्रशासन ने सोमवार को बीरगंज शहर के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया। यह कर्फ्यू भारत के रक्सौल बॉर्डर से सटे क्षेत्रों में लगाया गया है।
प्रशासन के आदेश के अनुसार, शहर के पूर्व में बस पार्क, पश्चिम में सिरसिया ब्रिज, उत्तर में पावर हाउस चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट तक किसी भी तरह के जुलूस, प्रदर्शन, सभा या सार्वजनिक गतिविधि पर रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धनुषा जिले के पुलिस प्रमुख और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस बिश्व राज खड़का ने बताया कि टिकटॉक वीडियो बनाने वाले दोनों मुस्लिम युवकों और मस्जिद में तोड़फोड़ करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला अदालत ने सभी आरोपियों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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उन्होंने आगे कहा कि मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना में कथित रूप से शामिल नौ अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायतें दर्ज की गई हैं और उनकी तलाश जारी है। नेपाल में बढ़ता यह सांप्रदायिक तनाव ऐसे समय सामने आया है जब देश 5 मार्च 2026 को होने वाले आम चुनाव की तैयारियों में जुटा है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल में ऐसी घटनाएं देश की सामाजिक एकता और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं।






